द लोकतंत्र/ लखनऊ : प्रयागराज मेला क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रशासन द्वारा कथित अभद्रता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। संत समाज से जुड़ा यह विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। एक ओर जहां उत्तर प्रदेश सरकार डैमेज कंट्रोल में जुटी दिख रही है, वहीं विपक्ष इसे सनातन परंपराओं के अपमान से जोड़कर सरकार पर सीधा हमला बोल रहा है।
इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विवाद को शांत करने की कोशिश करते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से संगम में स्नान करने की अपील की है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
केशव मौर्य का नरम रुख, संतों से सम्मान की अपील
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का संस्कार किसी भी संत या धर्मगुरु के अपमान का नहीं है। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रणाम करते हुए कहा कि यह विवाद समाप्त होना चाहिए और संतों को माघ मेले की पवित्र परंपरा के अनुसार संगम स्नान करना चाहिए।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी ने मर्यादा का उल्लंघन किया है तो मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई भी होगी। उनके इस बयान को सरकार की ओर से संत समाज को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर सरकार का आश्वासन
डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि संतों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें बेहद गंभीर हैं और इन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। प्रयागराज मेला करोड़ों श्रद्धालुओं और संतों की आस्था का केंद्र है, ऐसे में किसी भी स्तर पर अहंकार या अमर्यादित व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार चाहती है कि मेले का माहौल शांतिपूर्ण और श्रद्धा से भरा रहे, न कि विवादों से ग्रस्त।
अखिलेश यादव का तीखा पलटवार, ‘सनातन के अपमान’ का आरोप
इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य से जुड़े इस विवाद से हर सनातनी आहत है और यह घटना सनातन परंपराओं के अपमान का उदाहरण है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जिनकी परंपरा कागज बनने से भी पहले की है, उनसे आज पहचान और कागज मांगे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी सत्ता के नशे में धर्म और परंपरा दोनों का अपमान कर रहे हैं।
‘सनातन के समापन का सपना कभी पूरा नहीं होगा’
अखिलेश यादव ने कहा कि चाहे प्रयागराज में संतों का अपमान हो या काशी में ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़ा विवाद, यह सब एक गहरी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब भाजपा के “मायावी चेहरे” को पहचान चुकी है और सरकार के खिलाफ खुलकर बोल रही है। सपा प्रमुख के अनुसार, भाजपा का सनातन को कमजोर करने का सपना कभी साकार नहीं होगा और आने वाले समय में इसका राजनीतिक जवाब भी मिलेगा।
फिलहाल प्रयागराज मेला विवाद ने प्रदेश की राजनीति में नई गर्मी ला दी है। अब सबकी नजरें सरकार द्वारा कराई जाने वाली जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या यह विवाद वास्तव में शांत हो पाता है या आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता है।

