द लोकतंत्र/ महाराष्ट्र : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। राज्य के उद्योग मंत्री और एकनाथ शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता उदय सामंत ने ऐसा बयान दिया है, जिसने ठाकरे परिवार की राजनीति और भविष्य के गठजोड़ पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। उदय सामंत ने खुलकर कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे भविष्य में शिंदे गुट की शिवसेना के साथ आ सकते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीति में न तो कोई स्थायी दोस्त होता है और न ही स्थायी दुश्मन।
उदय सामंत ने कहा कि फिलहाल ठाकरे ब्रदर्स उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक साथ नजर आ रहे हैं, लेकिन आगे भी यह साथ बना रहेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, राजनीति संभावनाओं का खेल है। राज ठाकरे हमारे साथ क्यों नहीं आ सकते? बिल्कुल आ सकते हैं। उनके इस बयान को महाराष्ट्र की सियासत में संभावित बड़े राजनीतिक फेरबदल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
दावोस दौरे पर बोले सामंत- महाराष्ट्र ने रचा निवेश का रिकॉर्ड
राजनीतिक बयान के साथ-साथ उदय सामंत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया दावोस दौरे की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दौरा महाराष्ट्र के लिए ऐतिहासिक रूप से बेहद सफल रहा। दावोस में राज्य सरकार ने 51 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिनकी कुल निवेश राशि 16.81 लाख करोड़ रुपये रही। सामंत के अनुसार अब तक महाराष्ट्र कुल 37 लाख करोड़ रुपये के MoU साइन कर चुका है, जो किसी भी राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है।
40 से 42 लाख युवाओं को मिल सकता है रोजगार
उद्योग मंत्री ने दावा किया कि इन निवेश समझौतों के जरिए राज्य में 40 से 42 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पिछले साल दावोस में हुए निवेश समझौतों से अब तक 5.58 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है और करीब 70 प्रतिशत परियोजनाओं पर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है। सामंत ने कहा कि निवेश का असर तुरंत नहीं दिखता और उद्योगों को पूरी तरह शुरू होने में चार से पांच साल का समय लगता है।
आलोचकों को जवाब- जमीन पर चल रहे प्रोजेक्ट्स देखिए
उदय सामंत ने विपक्ष और आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग यह सवाल कर रहे हैं कि पिछले साल के 15 लाख करोड़ रुपये के MoU कहां गए, उन्हें रत्नागिरी और संभाजीनगर जैसे क्षेत्रों में जाकर चल रही परियोजनाओं को देखना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि तुरंत नतीजों की उम्मीद करना गलत है और उद्योग नीति को समय देना जरूरी है।
FDI में महाराष्ट्र नंबर वन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर फोकस
सामंत ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार के सर्वे के मुताबिक महाराष्ट्र विदेशी निवेश (FDI) के मामले में देश में नंबर वन बना हुआ है। उन्होंने बताया कि औसतन 80 प्रतिशत MoU में एफडीआई शामिल है। इसके साथ ही मुंबई–रायगढ़ तीसरे ग्रोथ सेंटर की घोषणा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे करीब 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। निवेश को जमीन पर उतारने के लिए 11 सदस्यीय निगरानी समिति भी गठित की गई है।
उदय सामंत के इन बयानों ने जहां एक ओर महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा छेड़ दी है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार की निवेश और रोजगार नीति को लेकर भी बड़े दावे सामने आए हैं। अब देखना होगा कि राज ठाकरे को लेकर कही गई बात महज राजनीतिक बयानबाजी साबित होती है या आने वाले दिनों में इसका कोई ठोस राजनीतिक संकेत भी दिखता है।

