द लोकतंत्र/ लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग दिन के 12 बजे तक सोकर उठते हैं, उन्हें गरीबों के बच्चों की शिक्षा की चिंता कैसे हो सकती है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हीं कारणों से छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं कभी सही मायनों में जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच सकीं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निष्पक्ष और पारदर्शी डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) प्रणाली के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 18,78,726 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹944.55 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति राशि का अंतरण किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं भी दीं और इसे सामाजिक न्याय की दिशा में एक अहम कदम बताया।
सीएम योगी बोले – सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट होती है, तब भ्रष्टाचार अपने आप खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि पहले छात्रवृत्ति योजनाएं बिचौलियों, विभागीय भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप की भेंट चढ़ जाती थीं। कभी परिवारवाद आड़े आता था, तो कभी पैसे गरीब छात्रों तक पहुंचने से पहले ही गायब हो जाते थे। आज डीबीटी के जरिए एक क्लिक में बिना किसी भेदभाव के करीब 19 लाख छात्रों के खातों में राशि सीधे पहुंची है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने समावेशी विकास का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वंचित को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता’ के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी छात्र सिर्फ आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि ई-गवर्नेंस को ईजी गवर्नेंस में बदला गया है, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचे।
बेटियों का आत्मनिर्भर बनना सरकार की सबसे बड़ी सफलता – सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति से लाभान्वित होकर सफल हुए छात्रों की कहानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में कंप्यूटर सहायक बनी एक छात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि बेटियों का आत्मनिर्भर बनना सरकार की सबसे बड़ी सफलता है। ऐसी योजनाएं युवाओं को आत्मविश्वास देती हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाती हैं।
उन्होंने शिक्षा ढांचे में किए गए सुधारों पर भी विस्तार से बात की। ऑपरेशन कायाकल्प के जरिए परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदली गई है। अब स्कूलों में बेहतर भवन, शिक्षक, सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और कम्पोजिट स्कूलों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अभ्युदय कोचिंग योजना, स्किल डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के फोकस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स युवाओं के भविष्य को नई दिशा देंगे।

