न्यूज स्कूप : अमेरिका इस समय कुदरत के कहर का सामना कर रहा है। देश के एक बड़े हिस्से में आए भीषण बर्फीले तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। नेशनल वेदर सर्विस के मुताबिक, इस बर्फीली आफत की चपेट में करीब 18 करोड़ लोग आए हैं, जो अमेरिका की कुल आबादी का लगभग आधा हिस्सा है।
साउदर्न रॉकी माउंटेन्स से लेकर न्यू इंग्लैंड तक हर तरफ सिर्फ बर्फ की सफेद चादर नजर आ रही है। भारी बर्फबारी और बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है और सड़कों पर फिसलन की वजह से गाड़ियों का चलना दूभर हो गया है।
हवाई अड्डों पर मचा हाहाकार
इस तूफान का सबसे बुरा असर हवाई यातायात (Air Travel) पर पड़ा है।
- फ्लाइट्स पर ब्रेक: शनिवार से अब तक 14,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। अकेले रविवार को ही 10,000 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं।
- प्रमुख एयरपोर्ट्स की स्थिति: न्यूयॉर्क का जॉन एफ. कैनेडी, अटलांटा, दल्लास और फिलाडेल्फिया जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं।
- वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट: यहाँ की सभी 450 उड़ानें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। विमान कंपनियों का कहना है कि खराब विजिबिलिटी के कारण उड़ान भरना सुरक्षित नहीं है।
अगर आप भी कहीं फंसे हैं, तो क्या करें?
एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए कुछ जरूरी सलाह जारी की है:
- स्टेटस चेक करें: एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले ऑनलाइन अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर देख लें।
- री-बुकिंग: अगर आपकी फ्लाइट कैंसिल हुई है और सीट खाली है, तो एयरलाइंस बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के टिकट री-बुक कर रही हैं। इसके लिए आप कस्टमर केयर या ऑनलाइन डेस्क की मदद ले सकते हैं।
फ्लाइट रद्द होने पर रिफंड का क्या है नियम?
यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की बात यह है कि अगर एयरलाइंस की तरफ से फ्लाइट रद्द की गई है और यात्री अब सफर नहीं करना चाहता, तो एयरलाइन को पूरा पैसा वापस (Full Refund) करना होगा। यह नियम तब भी लागू होगा जब आपका टिकट ‘नॉन-रिफंडेबल’ कैटेगरी का हो।
प्रशासन की अपील
खराब मौसम को देखते हुए अमेरिकी प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बहुत जरूरी न होने पर यात्रा से बचें। बिजली की सप्लाई बाधित होने और सड़कों के बंद होने की वजह से कई राज्यों में आपात स्थिति जैसे हालात हैं।
अमेरिका में बर्फीले तूफान का यह दौर फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सुरक्षा को प्राथमिकता दें और मौसम सामान्य होने का इंतज़ार करें।

