द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : 28 जनवरी 2026 को संसद के बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों, प्राथमिकताओं और भविष्य की दिशा को विस्तार से रखा। अपने अभिभाषण में उन्होंने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक देश का हर नागरिक आत्मनिर्भर जीवन नहीं जीता, तब तक आज़ादी की भावना पूरी नहीं मानी जा सकती।
राष्ट्रपति ने महंगाई पर नियंत्रण को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि रिकॉर्ड स्तर तक महंगाई दर को काबू में रखा गया है, जिसका सीधा लाभ मध्यम वर्ग और गरीब तबके को मिला है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिरता के साथ-साथ सरकार का फोकस समावेशी विकास पर रहा है।
आतंकवाद पर सख्त संदेश, निर्णायक कार्रवाई जारी
अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा है। आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त किया गया है और आगे भी किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंधु जल समझौते से जुड़े फैसले भी इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा हैं।
माओवाद पर बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की सख्त नीति के चलते माओवाद प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर सिर्फ 8 रह गई है, जिनमें से केवल 3 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं। अब तक 2,000 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और वह दिन दूर नहीं जब देश से आतंकवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
विकसित भारत की ओर तेज़ कदम
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। सोलर पावर सेक्टर में तेज़ी से प्रगति हो रही है और अब तक 20 लाख से अधिक सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवार ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बने हैं। बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में 7,200 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है और रेलवे विकास पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।
उन्होंने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों के 20 हजार से अधिक गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। अनुसूचित जाति के छात्रों को अब तक 42 हजार करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार खुशहाल किसानों को विकसित भारत की नींव मानती है।
कृषि, मत्स्यपालन और फूड प्रोसेसिंग में उछाल
राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक करीब 4 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। ऑयलसीड फसलों का उत्पादन बढ़ा है और पशुपालन, मत्स्यपालन व मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया गया है। 2014 की तुलना में मत्स्यपालन क्षेत्र में 105 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि देश की फूड प्रोसेसिंग क्षमता में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश का विकास तभी संभव है जब सभी नागरिकों को समान अवसर मिलें। महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं। अब तक 10 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है और 3 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। 60 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी योजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
अपने अभिभाषण के जरिए राष्ट्रपति ने साफ संकेत दिया कि सरकार का फोकस सुरक्षा, समृद्धि और समावेशी विकास पर है, ताकि भारत आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र के रूप में दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना सके।

