द लोकतंत्र/ मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर पवार परिवार केंद्र में आ गया है। राज्य के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जगह अब उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रही हैं। उनका शपथग्रहण 31 जनवरी को प्रस्तावित है। इस फैसले के साथ ही महाराष्ट्र की सत्ता और संसद दोनों में पवार परिवार की मौजूदगी को लेकर नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सुनेत्रा पवार ने वर्ष 2024 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा और चुनावी हार के बावजूद क्षेत्र में सामाजिक कार्यों से अपनी अलग पहचान बनाई। बारामती और काठेवाड़ी इलाकों में स्वच्छता अभियान और महिला कल्याण से जुड़ी पहलों का उन्होंने नेतृत्व किया। लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा और जून 2024 से वह उच्च सदन की सांसद हैं। अब डिप्टी सीएम बनने के बाद उनका राज्यसभा सीट छोड़ना तय माना जा रहा है।
सुनेत्रा पवार की खाली होने वाली राज्यसभा सीट पर कौन जाएगा?
यहीं से एक नया सवाल खड़ा हो गया है कि सुनेत्रा पवार की खाली होने वाली राज्यसभा सीट पर कौन जाएगा? सूत्रों और राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस सीट पर पवार परिवार के ही किसी सदस्य के जाने की संभावना सबसे ज्यादा है। मौजूदा परिस्थितियों में चर्चाएं इस बात पर केंद्रित हैं कि राज्यसभा में पार्थ पवार की एंट्री हो सकती है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अब तक डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद दोनों अहम पद पवार परिवार के पास ही रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व इस संतुलन को बनाए रखने के पक्ष में दिख रहा है। इसी कड़ी में एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल का बयान भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने संकेत दिए कि अजित पवार की जगह डिप्टी सीएम के नाम को लेकर सुनेत्रा पवार के अलावा कोई दूसरा विकल्प विचाराधीन नहीं है।
पार्थ पवार अजित के बड़े बेटे हैं, 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं
पार्थ पवार का राजनीतिक सफर भी चर्चा में है। वह अजित पवार के बड़े बेटे हैं और उन्होंने 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़कर किस्मत आजमाई थी, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक राजनीति से कुछ दूरी बना ली और अपनी प्रोफाइल लो-की रखी। बावजूद इसके, पार्टी और परिवार के राजनीतिक नेटवर्क से वह लगातार जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि जय पवार की तुलना में पार्थ पवार का नाम राज्यसभा के लिए ज्यादा मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
वहीं अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं और उन्होंने अब तक किसी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया है। इसी कारण राजनीतिक गलियारों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि अगर राज्यसभा सीट पवार परिवार के पास ही रहती है, तो पार्थ पवार को ही उच्च सदन भेजा जा सकता है।
हालांकि एनसीपी के भीतर इस विषय पर अभी कोई औपचारिक घोषणा या आधिकारिक चर्चा शुरू नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि बचे हुए कार्यकाल के लिए राज्यसभा सांसद के रूप में पार्थ पवार का नाम सबसे आगे है। अगर ऐसा होता है, तो एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में पवार परिवार की पकड़ और मजबूत होती नजर आएगी।

