द लोकतंत्र/ लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र कन्नौज पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक की और जमीनी हालात की समीक्षा की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे प्रहार किए और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हालिया बयान को लेकर भी खुलकर प्रतिक्रिया दी।
अखिलेश यादव ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, वैसे-वैसे समाज को बांटने वाले बयान तेज हो जाते हैं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बने रहने की इच्छा के चलते कुछ नेता जानबूझकर समाज को लड़ाने की राजनीति कर रहे हैं। सपा प्रमुख ने दो टूक कहा कि सरकारों को बयानबाजी छोड़कर शिक्षा व्यवस्था सुधारने, युवाओं को रोजगार देने और महंगाई से राहत दिलाने पर ध्यान देना चाहिए।
शंकराचार्य जी का जानबूझकर अपमान किया गया – अखिलेश
शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर अखिलेश यादव ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जी का जानबूझकर अपमान किया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अखिलेश ने सवाल उठाया कि जो सरकार खुद को धार्मिक और आध्यात्मिक बताती है, वह शंकराचार्य जैसे महान संत का सम्मान क्यों नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य बिना गंगा स्नान किए वापस लौटे और उन्होंने जो सवाल उठाए, सरकार के पास उनका कोई ठोस जवाब नहीं है। यह सब सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया।
जनगणना को लेकर अखिलेश यादव ने एक बार फिर जातीय जनगणना की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि आने वाली जनगणना में देश के नागरिकों से जुड़ी हर सच्चाई सामने आनी चाहिए और समाजवादी पार्टी चाहती है कि इसमें जातीय आंकड़े भी शामिल हों, ताकि नीतियां जमीनी हकीकत के आधार पर बन सकें। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना वैक्सीन के बाद सामने आ रही मौतों की खबरों पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि सही आंकड़े सामने आएंगे तो स्वास्थ्य विभाग बेहतर इलाज और नीतियों की दिशा तय कर सकेगा।
भाजपा चाहती है कि आम जनता अब पीतल के गहने पहने
महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि सोने और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि लगता है भाजपा चाहती है कि आम जनता अब पीतल के गहने पहने, जबकि सोना वही लोग खरीद रहे हैं, जिनके पास सत्ता और पैसा दोनों है, इसलिए दाम आसमान छू रहे हैं।
महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम से जुड़े विमान हादसे को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान का समर्थन करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश में सभी विमानों की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिस कंपनी का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, उसकी खरीद और रखरखाव प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
कन्नौज दौरे के दौरान अखिलेश यादव के बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी आने वाले चुनावों से पहले महंगाई, बेरोजगारी, सामाजिक सम्मान और सुरक्षा जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर सरकार को घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

