Advertisement Carousel
National

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता 2026: टैरिफ में बड़ी कटौती, लेकिन कई दावों पर अब भी सवाल

India-US trade agreement 2026: Significant tariff reductions, but several claims still raise questions.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारत-अमेरिका के बीच एक अहम व्यापार समझौते की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक व्यापार जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह जानकारी 2 फरवरी 2026 को सामने आई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा की। ट्रंप के मुताबिक, प्रधानमंत्री Narendra Modi से फोन पर हुई बातचीत के बाद यह समझौता तय हुआ और इसे तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस डील को दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापारिक तनाव के संदर्भ में एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

टैरिफ में कटौती और रूस से तेल पर अमेरिकी रुख

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले सामान पर लगाए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इसके साथ ही रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत का पैनाल्टी टैरिफ भी हटाने का फैसला किया गया है। इस तरह पहले भारत पर कुल टैरिफ बोझ करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जो अब घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगा।

ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत अब रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करेगा और इसके बदले वेनेजुएला सहित अन्य देशों से अधिक ऊर्जा आयात करेगा। उनके अनुसार, यह कदम रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में भी मददगार साबित हो सकता है। हालांकि, इस दावे को लेकर अभी तक भारतीय पक्ष की ओर से कोई औपचारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

500 अरब डॉलर की खरीद का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत आने वाले समय में अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की ऊर्जा, तकनीक, कृषि उत्पाद, कोयला और अन्य सामान खरीदेगा। इसके अलावा, भारत अमेरिकी उत्पादों पर अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को धीरे-धीरे शून्य तक लाने पर काम करेगा। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि यह समझौता आपसी सम्मान और मित्रता का नतीजा है।

प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए इस बातचीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके उन्हें खुशी हुई और भारत निर्मित उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत होना 1.4 अरब भारतीयों के लिए एक सकारात्मक खबर है। पीएम मोदी ने इस घोषणा के लिए ट्रंप का धन्यवाद किया और कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और सबसे बड़े लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे वैश्विक स्तर पर नए अवसर पैदा होते हैं।

कई मुद्दों पर चुप्पी, सवाल बरकरार

हालांकि प्रधानमंत्री मोदी के बयान में रूस से तेल न खरीदने, 500 अरब डॉलर की खरीद या भारतीय टैरिफ को शून्य करने जैसे दावों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस समझौते को ‘विन-विन’ करार देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के उद्योगों और नागरिकों को लाभ होगा। वहीं, White House के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि रूस से तेल से जुड़े दंडात्मक टैरिफ हटाए जा रहे हैं।

500 अरब डॉलर का लक्ष्य कितना व्यावहारिक?

विशेषज्ञों का मानना है कि 500 अरब डॉलर की खरीद का दावा फिलहाल व्यावहारिक नहीं दिखता। वित्त वर्ष 2025 में भारत का अमेरिका से कुल आयात लगभग 45.69 अरब डॉलर था और दोनों देशों का कुल व्यापार 132.2 अरब डॉलर के आसपास रहा। ऐसे में एक ही वित्त वर्ष में 500 अरब डॉलर की खरीद को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

तनाव के बाद राहत की राह

गौरतलब है कि पिछले एक साल से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में तनाव बना हुआ था। रूसी तेल, आप्रवासन नियम, रक्षा सहयोग और टैरिफ जैसे मुद्दों पर मतभेद सामने आए थे, जिसके चलते अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक शुल्क लगा दिया था। नए समझौते से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग सेक्टर में। आने वाले दिनों में इस सौदे के व्यावहारिक पहलुओं पर और स्पष्टता आने की संभावना है।

यह भी पढ़ें : अमेरिका-भारत व्यापार समझौता: टैरिफ में बड़ी राहत, दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं