द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय Budget 2026 को लेकर वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने बुधवार (4 फरवरी) को एक इंटरव्यू में सरकार की आर्थिक रणनीति और नीतियों का विस्तृत खाका पेश किया। बजट के बाद यह उनका पहला आधिकारिक इंटरव्यू था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने ‘भविष्य को ध्यान में रखते हुए’ बजट तैयार किया है। उनका कहना था कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य छोटे उद्योगों को मजबूत करना, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करना है।
ट्रेड डील पर अभी अंतिम हस्ताक्षर नहीं
अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते पर चल रही चर्चाओं के बीच वित्त मंत्री ने साफ किया कि अभी इस डील पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई ठोस अपडेट होगा, उसे आधिकारिक तौर पर साझा किया जाएगा। सीतारमण ने यह भी उल्लेख किया कि वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal पहले ही संसद में स्पष्ट कर चुके हैं कि कृषि और डेयरी क्षेत्रों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अंतिम समझौते के बाद ही इसके सभी पहलू सामने आएंगे।
‘भविष्य की योजना के साथ पेश किया गया बजट’
वित्त मंत्री ने बजट को लेकर कहा कि सरकार केवल अल्पकालिक जरूरतों पर नहीं, बल्कि अगले 25 वर्षों की आर्थिक दिशा को ध्यान में रखकर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार जितना बजट आवंटित करती है, उसका पूरा उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। उनके अनुसार, राज्यों की खर्च करने की क्षमता भी विकास की गति तय करती है।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले साल आयकर में दी गई राहत का वास्तविक लाभ इस वर्ष से दिखाई देगा, जिससे उपभोक्ता खर्च और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
बैंकिंग सेक्टर मजबूत, MSME पर खास फोकस
सीतारमण ने कहा कि भारत का बैंकिंग सेक्टर फिलहाल काफी मजबूत स्थिति में है और यह आर्थिक विकास की रीढ़ बना हुआ है। सरकार की प्राथमिकता छोटे और मझोले उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देना है, क्योंकि यही सेक्टर रोजगार सृजन और उत्पादन वृद्धि में अहम भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने सात ऐसे प्रमुख सेक्टर चिन्हित किए हैं, जो देश को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेंगे। साथ ही ‘रेअर अर्थ कॉरिडोर’ जैसी परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
आयकर में तुरंत राहत क्यों नहीं?
आयकर छूट को लेकर उठ रहे सवालों पर वित्त मंत्री ने कहा कि हाल ही में करदाताओं को बड़ी राहत दी गई है, इसलिए तुरंत नई छूट देना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर छूट की सीमा 7.76 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख कर दी जाए, तो फिर इसे 9 या 10 लाख करने की मांग भी उठेगी। उनके अनुसार, वित्तीय संतुलन बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
भारत की अर्थव्यवस्था पर भरोसा
वित्त मंत्री ने भरोसा जताया कि भारत की अर्थव्यवस्था इस समय मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि International Monetary Fund और World Bank जैसी वैश्विक संस्थाओं ने भी भारत की विकास दर को सकारात्मक बताया है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 को लेकर वित्त मंत्री का संदेश साफ है सरकार दीर्घकालिक विकास, आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन पर फोकस कर रही है। आने वाले समय में इन नीतियों का असर देश की आर्थिक रफ्तार और निवेश के माहौल पर देखने को मिल सकता है।

