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बिहार में गर्ल्स हॉस्टल के लिए सख्त नियम: छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा पर नीतीश सरकार का बड़ा फैसला

Strict rules for girls' hostels in Bihar: Nitish government takes a major decision on the safety of female students and working women.

द लोकतंत्र/ पटना : पटना में सामने आए चर्चित नीट छात्रा कांड के बाद बिहार सरकार ने छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। राज्य के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व वाली सरकार ने पूरे बिहार में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना और हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत बनाना है।

नए निर्देशों के अनुसार अब राज्यभर में चल रहे सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी हॉस्टल का संचालन नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षित जीवन देना सरकार की प्राथमिकता है।

24 घंटे महिला वार्डन होगी अनिवार्य

सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस के तहत हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में 24 घंटे महिला वार्डन की नियुक्ति अनिवार्य होगी। इसके अलावा वार्डन, सुरक्षा गार्ड, रसोइया, सफाईकर्मी और अन्य कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराना जरूरी होगा, ताकि किसी भी तरह के आपराधिक जोखिम को पहले ही रोका जा सके।

सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के लिए हॉस्टल के मुख्य गेट, गलियारों, डायनिंग एरिया और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। खास बात यह है कि इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच में मदद मिल सके।

विजिटर रजिस्टर और एंट्री पर सख्ती

नए नियमों के तहत हॉस्टल में आने-जाने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण विजिटर रजिस्टर में दर्ज करना होगा। साथ ही, छात्राओं के रहने वाले हिस्से में पुरुषों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।

इसके अलावा प्रशासन ने पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई, मजबूत दरवाजे-ताले और खिड़कियों में लोहे की जाली लगाने को भी अनिवार्य किया है। रात के समय छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है।

आपात स्थिति के लिए विशेष तैयारी

किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी हॉस्टलों में हेल्पलाइन नंबरों से जुड़े पोस्टर लगाना जरूरी होगा। इनमें 112 इमरजेंसी नंबर, स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क और Abhaya Brigade की जानकारी शामिल होगी। साथ ही छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के सुरक्षा फीचर्स के इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि खतरे की स्थिति में तुरंत मदद ली जा सके।

नियमित जांच और सख्त कार्रवाई

सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड संयुक्त रूप से हॉस्टलों का नियमित निरीक्षण करेंगे। यदि किसी हॉस्टल में संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलती है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इन दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।

कुल मिलाकर, यह पहल बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि इन सख्त नियमों से हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल मिल सकेगा।

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