द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश के गोंडा में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को कथित रूप से बंधक बनाए जाने की खबरों के बीच सियासी हलचल को देखते हुए राज्य के कारागार मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि किसी विधायक ने मंत्री को बंधक नहीं बनाया था। उनके अनुसार, जब भी कोई मंत्री किसी क्षेत्र के दौरे पर जाता है, तो स्वाभाविक रूप से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर वहां पहुंचते हैं, जिससे भीड़ की स्थिति बन जाती है। इसे गलत तरीके से पेश नहीं किया जाना चाहिए।
मंत्री का जनता से घिरना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा
दारा सिंह चौहान ने कहा कि मंत्री का जनता से घिरना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है, क्योंकि जनप्रतिनिधि लोगों की बात सुनने के लिए ही क्षेत्र में जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां किसी प्रकार का दबाव नहीं था और न ही कोई ऐसी परिस्थिति बनी, जिसे ‘बंधक’ जैसा गंभीर शब्द दिया जा सके। मंत्री ने मौके पर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग को निर्देश भी दिए।
इस मुद्दे पर आगे बोलते हुए चौहान ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास करती है और हर विधायक को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री द्वारा किसी विधायक को सात दिन का नोटिस दिए जाने की जानकारी उन्हें नहीं है और यह बात उन्होंने मीडिया से ही सुनी है।
दारा सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट की सराहना की
सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान दारा सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बजट देश के विभिन्न वर्गों, खासकर कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए चौहान ने कहा कि विरोधी दलों के पास ठोस मुद्दों की कमी है, इसलिए वे सरकार पर अनावश्यक आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में रचनात्मक बहस के बजाय राजनीतिक बयानबाजी अधिक हो रही है। चौहान के अनुसार, एनडीए सरकार हमेशा सकारात्मक चर्चा के लिए तैयार रहती है, लेकिन विपक्ष बहिष्कार और आलोचना की राजनीति में उलझा हुआ है।
अमेरिका द्वारा टैरिफ में कमी किए जाने का भी स्वागत
अंतरराष्ट्रीय व्यापार के संदर्भ में उन्होंने अमेरिका द्वारा टैरिफ में कमी किए जाने का भी स्वागत किया। चौहान ने कहा कि शुल्क में कमी से भारत के कई क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है और यह आर्थिक गतिविधियों को गति देने में सहायक होगा।
कुल मिलाकर, गोंडा की घटना को लेकर उठे विवाद पर दारा सिंह चौहान की सफाई के बाद राजनीतिक माहौल कुछ हद तक शांत होने की उम्मीद है। हालांकि, इस तरह के मामलों से यह जरूर स्पष्ट होता है कि जनप्रतिनिधियों के दौरों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सूचनाओं की सटीक प्रस्तुति कितनी महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी घटना को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

