द लोकतंत्र/ पटना : बिहार के दरभंगा जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों में भय तथा गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोग दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी
मामले पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पीड़ितों, खासकर गरीब और कमजोर वर्गों की सुनवाई नहीं हो रही है। तेजस्वी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कम दोष-सिद्धि दर और गंभीर मामलों पर सरकार की कथित निष्क्रियता के कारण जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। उनके मुताबिक, हालात ऐसे बन चुके हैं कि लोग विरोध में सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में प्रदेश की मौजूदा स्थिति को ‘अराजकता और अव्यवस्था’ से जोड़ते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ‘सुशासन बाबू का जंगलराज’ जैसे तीखे राजनीतिक तंज के साथ उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री की चुप्पी को चिंताजनक बताया।
महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हुई घटनाएं बढ़ते अपराध का संकेत
नेता प्रतिपक्ष ने हाल के दिनों में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हुई कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक isolated घटना नहीं है, बल्कि बढ़ते अपराध का संकेत है। उन्होंने विभिन्न जिलों में दुष्कर्म, हत्या, अपहरण और एसिड अटैक जैसी घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की। तेजस्वी का कहना है कि जब तक अपराधियों पर सख्ती नहीं होगी, तब तक ऐसे मामलों पर रोक लगाना मुश्किल होगा।
हालांकि, किसी भी आपराधिक घटना की जांच और दोषियों की पहचान पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही तय होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित जांच, फास्ट-ट्रैक सुनवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि समाज में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
दरभंगा की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चिंता का विषय बन चुकी है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार उठ रहे सवाल यह संकेत देते हैं कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है क्या दोषियों को जल्द सजा मिलेगी और क्या सरकार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाएगी? आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

