द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : प्रधानमंत्री Narendra Modi के असम दौरे के दौरान कांग्रेस ने उन पर राजनीतिक तंज कसते हुए मणिपुर जाने की अपील की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि असम से मणिपुर की दूरी कम है, ऐसे में प्रधानमंत्री को वहां भी जाना चाहिए। इसी क्रम में कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन Pawan Khera ने दावा किया कि उन्होंने गुवाहाटी से इम्फाल के लिए एअर इंडिया की फ्लाइट टिकट प्रधानमंत्री के नाम पर बुक कराई और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया।
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि एअर इंडिया ने यह टिकट बिना जानकारी दिए रद्द कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह कदम इस धारणा को मजबूत करता है कि प्रधानमंत्री मणिपुर का दौरा नहीं करेंगे। खेड़ा ने यह भी कहा कि उत्तर-पूर्वी राज्यों में प्रधानमंत्री का दौरा अक्सर चुनावी परिस्थितियों से जुड़ा दिखाई देता है।
मणिपुर मुद्दे पर कांग्रेस का सवाल, पीएम केयर्स पर भी टिप्पणी
कांग्रेस नेता ने अपने बयान में कहा कि मणिपुर लंबे समय से तनाव और अशांति का सामना कर रहा है और प्रधानमंत्री की वहां उपस्थिति लोगों को भरोसा दिला सकती है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि चुनावी राज्यों को प्राथमिकता देने के बजाय मणिपुर जैसे संवेदनशील राज्य का दौरा भी जरूरी है। खेड़ा ने पीएम केयर्स फंड को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि यदि प्रधानमंत्री सच में ‘PM CARES’ के सिद्धांत पर काम करते हैं, तो उन्हें मणिपुर भी जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए पोस्ट में खेड़ा ने लिखा कि गुवाहाटी से इम्फाल की दूरी केवल एक घंटे की उड़ान की है और उन्होंने प्रधानमंत्री की सुविधा के लिए टिकट भी बुक कर दी है। उन्होंने इसे प्रतीकात्मक कदम बताते हुए प्रधानमंत्री से मणिपुर जाने का आग्रह किया।
असम में इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर सैन्य विमान C-130J से लैंड कर महत्वपूर्ण रक्षा अवसंरचना परियोजना की शुरुआत की। यह एयरस्ट्रिप हाईवे पर तैयार की गई है, जहां सामान्य दिनों में वाहन चलते हैं, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे रनवे में बदला जा सकता है।
प्रधानमंत्री के असम दौरे और कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप के बीच उत्तर-पूर्व की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, खासकर तब जब असम में चुनावी गतिविधियां भी तेज हो रही हैं।

