द लोकतंत्र/ बिजनेस : Pickle Business आज के समय में बड़ी संख्या में लोग नौकरी के साथ-साथ अतिरिक्त आय के लिए छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करना चाहते हैं। केवल फिक्स सैलरी पर निर्भर रहने की बजाय अब लोग अपनी स्किल और अनुभव को बिजनेस में बदलने की सोच रहे हैं। ऑनलाइन स्टोर, क्लाउड किचन और होममेड फूड प्रोडक्ट्स जैसे विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। इसी कड़ी में अचार का बिजनेस एक कम लागत और स्थायी मांग वाला विकल्प बनकर उभरा है।
होममेड फूड सेगमेंट में ग्राहकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। लोग बाजारू स्वाद से ज्यादा घर जैसा स्वाद पसंद कर रहे हैं। अचार एक ऐसा प्रोडक्ट है जिसकी मांग पूरे साल बनी रहती है, चाहे वह आम का अचार हो, नींबू, मिर्च या मिक्स अचार। अच्छी बात यह है कि इसे शुरू करने के लिए बड़े कारखाने या भारी मशीनों की जरूरत नहीं होती। घर के एक साफ कमरे से भी इसकी शुरुआत की जा सकती है।
कैसे शुरू करें अचार का बिजनेस?
अचार बनाने का काम शुरू करने से पहले कमरे को फूड प्रोडक्शन के अनुरूप तैयार करना जरूरी है। जगह साफ, सूखी और हवादार होनी चाहिए। दीवार और फर्श ऐसे हों जिन्हें आसानी से साफ किया जा सके। नमी, कीड़े-मकोड़े या गंदगी की समस्या बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। कच्चे माल जैसे आम, नींबू, मसाले और तेल को अलग व व्यवस्थित तरीके से स्टोर करना चाहिए। तैयार अचार को फूड-ग्रेड, एयरटाइट कंटेनर में सुरक्षित रखना जरूरी है ताकि स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे।
शुरुआत में बहुत महंगे उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती। स्टील के बर्तन, साफ कटिंग टूल्स, धूप में सुखाने की जगह और पैकिंग के लिए एक साधारण सीलिंग मशीन पर्याप्त होती है। शुरुआत में सीमित वैरायटी रखें और क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें। जैसे-जैसे ग्राहकों की संख्या बढ़े, उत्पादन और वैरायटी भी बढ़ाई जा सकती है।
अचार बिजनेस के लिए जरूरी लाइसेंस और NOC
फूड बिजनेस शुरू करने से पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी करना बेहद जरूरी है। सबसे पहले भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। छोटे स्तर के कारोबार के लिए बेसिक FSSAI रजिस्ट्रेशन पर्याप्त होता है। यदि कारोबार का स्तर बढ़ता है तो स्टेट या सेंट्रल लाइसेंस की जरूरत पड़ सकती है।
इसके अलावा स्थानीय नगर निगम या ग्राम पंचायत से ट्रेड लाइसेंस लेना आवश्यक हो सकता है। यदि आप अपने प्रोडक्ट को ब्रांड नाम से बाजार में उतारना चाहते हैं, तो ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन कराना समझदारी भरा कदम होगा। पैकेजिंग पर मैन्युफैक्चरिंग डेट, एक्सपायरी डेट, नेट वेट और FSSAI नंबर स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य है। कम निवेश, सालभर मांग और बढ़ते होममेड फूड ट्रेंड के चलते अचार का बिजनेस 2026 में एक मजबूत और टिकाऊ विकल्प साबित हो सकता है।

