द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारत को चिप निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) क्षेत्र में HCL-Foxconn संयुक्त उद्यम ‘India Chip Pvt. Ltd.’ परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि जहां भी सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित होती है, वहां डिजाइन सेंटर विकसित होते हैं, स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होता है और नवाचार की गति तेज होती है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह दशक भारत के लिए ‘टेक-एड’ है और 21वीं सदी में देश की तकनीकी शक्ति की नींव इसी दौर में रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत ने सेमीकंडक्टर सेक्टर में भले देर से शुरुआत की हो, लेकिन अब प्रगति तेज है। India Semiconductor Mission के तहत अब तक 10 सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें से चार इकाइयों का उत्पादन जल्द शुरू होने वाला है।
प्रधानमंत्री ने हाल में संपन्न ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया ने भारत की AI क्षमता और विजन को सराहा है। उनके अनुसार, प्रौद्योगिकी के हर उस क्षेत्र में जहां भविष्य आकार लेगा, भारत अभूतपूर्व निवेश कर रहा है।
3,700 करोड़ का निवेश, हजारों रोजगार: इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को मिलेगा बड़ा बूस्ट
HCL-Foxconn संयुक्त उद्यम के तहत YEIDA में स्थापित की जा रही यह OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) सुविधा संशोधित ATMP योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही है। इस परियोजना में 3,700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग क्षमताओं को सुदृढ़ करना है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत बन सकें।
यह सुविधा मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य डिवाइस क्षेत्रों को समर्थन देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को नई गति मिलेगी, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा तथा तकनीकी हस्तांतरण में भी तेजी आएगी।
परियोजना से इंजीनियरों, तकनीशियनों और पेशेवरों के लिए हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। साथ ही सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल भारत को उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए विश्वसनीय वैश्विक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

