द लोकतंत्र/ झारखंड : झारखंड में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Jharkhand Public Service Commission (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा में प्रभावी रूप से चार वर्ष की छूट दी गई है। इस निर्णय की घोषणा मुख्यमंत्री Hemant Soren ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान की। मुख्यमंत्री ने बताया कि आयु गणना की तिथि में बदलाव किया गया है।
दरअसल, पहले अधिकतम आयु की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जानी थी, जिससे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर जाते। अब कटऑफ वर्ष को अगस्त 2022 निर्धारित कर दिया गया है। इससे उन उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा, जो परीक्षा में देरी के कारण आवेदन से वंचित हो रहे थे।
राज्य में सिविल सेवा परीक्षा समय पर आयोजित नहीं हो पाने के कारण यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में था। कई वर्षों तक परीक्षा न होने से हजारों अभ्यर्थी आयु सीमा पार कर गए थे। उनका तर्क था कि परीक्षा में देरी उनकी गलती नहीं है, इसलिए उन्हें अतिरिक्त अवसर मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर छात्र संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी सरकार से आयु सीमा में राहत देने की अपील की थी।
विधानसभा में उठा मुद्दा, अब आवेदन प्रक्रिया जारी
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कई विधायकों ने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आयु सीमा में छूट देने की मांग रखी थी। अभ्यर्थियों की ओर से आठ वर्ष तक की छूट की मांग की जा रही थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग ने प्रारंभ में तीन वर्ष की छूट का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन सरकार ने अंतिम निर्णय में इसे बढ़ाकर चार वर्ष कर दिया।
इस विवाद को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय का भी रुख किया था। हालांकि वहां से सीमित राहत मिली, लेकिन व्यापक समाधान नहीं हो पाया था। अब सरकार की घोषणा के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है और परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ने की उम्मीद है। JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के लिए हाल ही में विज्ञापन जारी किया गया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी से शुरू हो चुकी है। आवेदन की अंतिम तिथि 20 फरवरी निर्धारित की गई है, जबकि परीक्षा शुल्क का भुगतान 21 फरवरी शाम 5 बजे तक किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयु सीमा में यह संशोधन युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत है और इससे प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा। सरकार के इस कदम से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अवसर मिलेगा और राज्य प्रशासन में नई ऊर्जा के साथ प्रतिभाशाली युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

