द लोकतंत्र/ मुंबई : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी–शरदचंद्र पवार गुट (NCP-SP) के नेता Rohit Pawar ने 28 जनवरी को हुए विमान हादसे की विस्तृत जांच की मांग की है, जिसमें वरिष्ठ महाराष्ट्र नेता Ajit Pawar की मौत हो गई थी। रोहित पवार ने विमानन कंपनी VSR की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह एयरलाइन ठीक से संचालित नहीं हो रही थी और इससे वीआईपी यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
रोहित पवार ने कहा कि 28 जनवरी की सुबह बारामती हवाईअड्डे पर लैंडिंग के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें अजित पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई। उन्होंने मांग की कि 27 जनवरी को हुई घटनाओं की भी जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना के पीछे कोई आपराधिक या साजिशी पहलू तो नहीं था। उनके अनुसार, परिवार और महाराष्ट्र की जनता इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच चाहती है।
वहीं सूत्रों के मुताबिक, विमान दुर्घटना की जांच अंतरराष्ट्रीय AAIB प्रोटोकॉल और ICAO मानकों के तहत तकनीकी और साक्ष्य-आधारित तरीके से की जाती है। सूत्रों ने कहा कि मामले को राजनीतिक रंग देने के बजाय जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए।
साजिश की आशंका, केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका और ब्लैक बॉक्स पर सवाल
रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि इस हादसे के पीछे राजनीतिक या व्यावसायिक साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि दुर्घटना के पीछे किस प्रकार की साजिश थी। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के इस्तीफे की भी मांग उठाई है।
रोहित पवार ने DGCA अधिकारियों और VSR कंपनी के बीच संभावित संबंधों की भी जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि हादसे के दिन एक से अधिक विस्फोट जैसी घटनाएं हुईं और विमान में अतिरिक्त पेट्रोल के कनस्तर अलग स्थान पर रखे गए थे, जिससे आग भड़कने की आशंका बढ़ी। उन्होंने ब्लैक बॉक्स की जांच को लेकर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष फोरेंसिक जांच की मांग की।
उधर, कुछ राजनीतिक दलों ने भी इस दुर्घटना को लेकर ‘फाउल प्ले’ की आशंका जताई है। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी तरह तकनीकी मानकों के अनुरूप की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच आवश्यक है। इस बीच, महाराष्ट्र की राजनीति में यह मुद्दा गरमाया हुआ है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

