द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : राजस्थान के टोंक लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद Sukhbir Singh Jonapuriya एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान कुछ महिलाओं से नाम पूछने के बाद कंबल वापस ले लिए। आरोप है कि जब महिलाओं ने अपना नाम मुस्लिम समुदाय से संबंधित बताया तो उन्हें कंबल देने से मना कर दिया गया।
यह घटना टोंक जिले के निवाई क्षेत्र के करेड़ा बुजुर्ग गांव की बताई जा रही है। सीता-राम मंदिर के पास आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में पूर्व सांसद गरीबों को कंबल बांट रहे थे। वीडियो में दिखाया गया है कि उन्होंने एक महिला से नाम पूछा, जिस पर महिला ने अपना नाम ‘सुकरान खान’ बताया। इसके बाद कथित तौर पर पूर्व सांसद ने उसे एक ओर हटने को कहा। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि पहले उन्हें कंबल दे दिए गए थे, लेकिन बाद में पहचान सामने आने पर कंबल वापस ले लिए गए। हालांकि, इस मामले में पूर्व सांसद की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
‘पर्सनल कार्यक्रम’ बयान पर बढ़ी सियासी तल्खी, कांग्रेस ने साधा निशाना
वायरल वीडियो में कथित तौर पर पूर्व सांसद यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि यह उनका ‘पर्सनल कार्यक्रम’ है, कोई सरकारी योजना नहीं। दावा है कि उन्होंने कहा कि जो लोग प्रधानमंत्री को आलोचना करते हैं, उन्हें कंबल लेने का अधिकार नहीं है। इस कथन के बाद राजनीतिक माहौल और अधिक गरम हो गया है।
मामले पर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष MD Chaudhary ने वीडियो को बीजेपी की मानसिकता का परिचायक बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के साथ इस तरह का व्यवहार अमानवीय है और इससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विवाद चुनावी माहौल में और अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन पर भी नजरें टिकी हैं कि क्या इस मामले में कोई जांच या कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, यह मुद्दा राजस्थान की राजनीति में नई बहस को जन्म दे चुका है। एक ओर जहां बीजेपी समर्थक इसे व्यक्तिगत कार्यक्रम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे सामाजिक भेदभाव से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद किस दिशा में जाएगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

