द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मेरठ के शताब्दी नगर स्टेशन से नमो भारत रैपिड रेल (RRTS) और मेरठ मेट्रो के विस्तारित खंड को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही करीब ₹12,930 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया। यह पहल न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच आवागमन को बेहद आसान बनाएगी।
दिल्ली से मेरठ के बीच 82.15 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर अब हाई-स्पीड नमो भारत ट्रेन सराय काले खां से मोदीपुरम तक मात्र 55 मिनट में सफर तय करेगी। यह कॉरिडोर 70 किलोमीटर एलिवेटेड और 12 किलोमीटर भूमिगत हिस्सों से होकर गुजरता है। किराया लगभग ₹213 निर्धारित किया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के बाद स्कूली बच्चों के साथ मेट्रो में सफर भी किया और आधुनिक भारत की इस नई परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों से जोड़ा। बाद में उन्होंने मोहिउद्दीनपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए विकास परियोजनाओं की चर्चा की।
मेरठ मेट्रो की खासियत: एक ट्रैक पर मेट्रो और रैपिड रेल, 120 किमी/घंटा की रफ्तार
मेरठ अब दुनिया के चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है, जहां एक ही ट्रैक पर हाई-स्पीड रैपिड रेल और मेट्रो दोनों संचालित होंगी। मेरठ मेट्रो 23 किलोमीटर के दायरे में 13 स्टेशनों को जोड़ती है और इसकी अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा है। प्रत्येक ट्रेन में 3 कोच हैं, जिनमें लगभग 700 यात्रियों के बैठने और खड़े होने की क्षमता है।
यात्रियों की सुविधा के लिए ‘इंटीग्रेटेड टिकटिंग सिस्टम’ लागू किया गया है, जिससे एक ही टिकट पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो दोनों का सफर संभव होगा। आधुनिक फीचर्स जैसे प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, इमरजेंसी अलार्म, पुश-बटन डोर और व्हीलचेयर-अनुकूल लिफ्ट इसे भविष्य की परिवहन प्रणाली बनाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली-मेरठ क्षेत्र में रियल एस्टेट, उद्योग और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अब मेरठ के निवासी दिल्ली में काम कर कम समय में घर लौट सकेंगे, जिससे जीवनशैली और आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव आएगा। इस परियोजना को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से और अधिक मजबूती से जोड़ता है।

