द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपने सिंगापुर दौरे के दौरान वैश्विक निवेश संस्थानों के साथ अहम बैठकें कीं। सोमवार को उन्होंने Government of Singapore Investment Corporation (GIC) के सीईओ लिम चाउ कियात के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक संस्थागत निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्क और सतत शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए GIC की उत्तर प्रदेश में मौजूदा भागीदारी की सराहना की, जिसमें गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में IRB के साथ साझेदारी और ग्रीनको के साथ सहयोग शामिल है। सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार वैश्विक निवेशकों के लिए तेज़ मंजूरी प्रक्रिया और स्पष्ट नीति ढांचा उपलब्ध करा रही है, जिससे निवेश माहौल और अनुकूल हुआ है।
टेमासेक के साथ डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस
मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के प्रमुख निवेश समूह Temasek के अध्यक्ष टियो ची हीन से भी मुलाकात की। इस बैठक में डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, नवीकरणीय ऊर्जा और औद्योगिक बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सॉवरेन निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की निवेश नीतियों, सिंगल-विंडो क्लियरेंस सिस्टम और तेज़ प्रशासनिक प्रक्रियाओं को प्रस्तुत करते हुए राज्य को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी और स्केलेबल गंतव्य बताया।
यह दौरा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी (CSP) रोडमैप के अनुरूप है, जिसमें आर्थिक सहयोग, डिजिटलीकरण, कौशल विकास, स्थिरता और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकों से उत्तर प्रदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को नई गति मिलेगी। राज्य पहले ही देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के जरिए निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। सीएम योगी का यह दौरा संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेश मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सक्रिय रणनीति अपना रहा है, जिससे रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

