द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सिंगापुर के आधिकारिक दौरे (22–24 फरवरी) के दौरान Institute of Technical Education में स्किल डेवलपमेंट और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर विस्तृत प्रस्तुति की समीक्षा की। उन्होंने ITE कॉलेज सेंट्रल और एविएशन हब सुविधाओं का दौरा कर उद्योग-एकीकृत प्रशिक्षण मॉडल को करीब से समझा। इस अवसर पर तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, एविएशन स्किल्स और उद्योग-समन्वित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के तेज़ी से विस्तार करते बुनियादी ढांचे और रोजगार पारिस्थितिकी तंत्र को समर्थन देने के लिए इन MoU को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। उनका कहना है कि सिंगापुर का उद्योग-संलग्न कौशल मॉडल यूपी के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित करने में मददगार होगा।
‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के लक्ष्य की दिशा में कौशल साझेदारी
सीएम योगी ने अपने नौ वर्षीय कार्यकाल को “पुनर्निर्माण का स्वर्णिम अध्याय” बताते हुए कहा कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश ही ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के लक्ष्य को साकार करेगा। यह दौरा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी (CSP) रोडमैप के अनुरूप है, जिसमें आर्थिक सहयोग, डिजिटलीकरण, कौशल विकास, सततता, कनेक्टिविटी और उन्नत विनिर्माण जैसे प्रमुख स्तंभ शामिल हैं।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व—प्रधानमंत्री Lawrence Wong, विदेश मंत्री Vivian Balakrishnan, जनशक्ति मंत्री Tan See Leng तथा राष्ट्रपति Tharman Shanmugaratnam से उच्चस्तरीय बैठकों में भी भाग लेंगे। इन चर्चाओं में सेक्टर-विशिष्ट सहयोग, निवेश और संस्थागत साझेदारी को परियोजना-स्तर तक ले जाने पर फोकस रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ITE के साथ तकनीकी व एविएशन कौशल सहयोग से यूपी में एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल पार्क और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा। इससे रोजगार सृजन, उद्योग-तैयार पाठ्यक्रम और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बल मिलेगा।

