द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी तेज होने लगी है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में समाज के कई वर्गों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान शिवपाल यादव ने कहा कि बहुजन समाज, पिछड़े वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इन वर्गों की आवाज उठाने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए लगातार काम कर रही है।
शिवपाल यादव ने कहा कि पार्टी की रणनीति ‘PDA’ यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को साथ लेकर चलने की है। उनके अनुसार समाज के इन वर्गों को मजबूत करके ही सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को समाज के उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जो खुद को उपेक्षित या अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों में प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है और अब लोगों को नए विकल्प की जरूरत महसूस हो रही है।
अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का आह्वान
शिवपाल सिंह यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य 2027 में उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को पार्टी की नीतियों के बारे में बताएं और समर्थन जुटाएं। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश में सामाजिक न्याय और समानता को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके अनुसार, पार्टी की कोशिश होगी कि हर वर्ग के लोगों को सम्मान और अवसर मिले।
इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी “पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक” यानी PDA की अवधारणा को लेकर लगातार बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि आने वाले समय में सामाजिक न्याय को मजबूत करने के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में समान अवसर और सम्मान सुनिश्चित करना है। उन्होंने भरोसा जताया कि PDA की एकजुटता से राज्य में सामाजिक न्याय को और मजबूत किया जा सकेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA की रणनीति आगामी चुनावों में अहम भूमिका निभा सकती है। ऐसे में आने वाले समय में राज्य की सियासत और अधिक दिलचस्प होने की संभावना है।

