द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। पार्टी ने कुल 47 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है, जिनमें कई प्रमुख नेताओं को चुनावी मैदान में उतारा गया है। बीजेपी ने केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को नेमोम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है, जबकि पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन को कझाकूट्टम सीट से टिकट दिया गया है।
दरअसल, पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक 12 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी बैठक में उम्मीदवारों के नामों को अंतिम मंजूरी दी गई। बीजेपी के मुताबिक यह सूची आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और पार्टी राज्य में अपने संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
केरल में त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना
केरल की राजनीति पारंपरिक रूप से दो बड़े गठबंधनों लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच केंद्रित रही है। हालांकि इस बार बीजेपी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भी चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है। राज्य की 140 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में बीजेपी करीब 100 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है, जबकि उसके सहयोगी दल भारत धर्म जन सेना (BDJS) और ट्वेंटी20 शेष सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं।
चुनाव आयोग ने केरल सहित पांच राज्यों क्रमशः तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार केरल और असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि सभी राज्यों और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केरल में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। जहां एक ओर एलडीएफ अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश करेगा, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ और बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए भी राज्य में राजनीतिक संतुलन बदलने के प्रयास में जुटे हैं। ऐसे में आगामी चुनाव यह तय करेंगे कि केरल की राजनीति में कौन सा गठबंधन जनता का भरोसा जीतने में सफल होता है।

