द लोकतंत्र : हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैशाख का महीना सबसे ज्यादा पुण्य देने वाला माना जाता है। स्कंद पुराण में तो यहाँ तक कहा गया है कि वैशाख के समान कोई दूसरा महीना नहीं है। इस साल वैशाख माह 3 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 1 मई 2026 तक चलेगा। आइए जानते हैं क्यों यह महीना श्रीकृष्ण को इतना प्रिय है और इसमें किन कामों को करने से अक्षय पुण्य मिलता है।
वैशाख: पुण्य कमाने का सुनहरा मौका
शास्त्रों में वैशाख को आत्मशुद्धि का महीना बताया गया है। जैसे-जैसे सूरज की गर्मी बढ़ती है, इस महीने में किए गए दान और तप का महत्व भी बढ़ जाता है। भगवान श्रीकृष्ण ने खुद वैशाख को अपना सबसे प्रिय महीना कहा है। मान्यता है कि इस पूरे महीने में किया गया स्नान, दान और जप कभी खत्म नहीं होता, यानी इसका फल ‘अक्षय’ रहता है।
कौन से काम करना होता है शुभ?
वैशाख के महीने में नई शुरुआत करना बहुत फलदायी माना जाता है।
- शादी-ब्याह और संस्कार: इस दौरान विवाह, मुंडन और नामकरण जैसे मांगलिक कार्य करना बहुत शुभ होता है। माना जाता है कि इस समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति ऐसी होती है जो जीवन में सुख-समृद्धि लाती है।
- नया घर और खरीदारी: नया घर बनवाना या गृह प्रवेश के लिए यह श्रेष्ठ समय है। अक्षय तृतीया के दिन सोना या कीमती चीजें खरीदना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन खरीदी गई चीजें घर में बरकत लाती हैं।
- धार्मिक अनुष्ठान: वैशाख में हवन, यज्ञ और सत्संग करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है।
सेवा और दान का महत्व
चूंकि वैशाख गर्मी के मौसम में आता है, इसलिए इस समय ‘सेवा’ को सबसे बड़ा धर्म माना गया है। प्यासे लोगों को पानी पिलाना, पानी से भरा घड़ा दान करना, छाता, चप्पल और सत्तू का दान करना इस महीने के सबसे बड़े पुण्य कर्म हैं। शास्त्रों के अनुसार, वैशाख में किया गया छोटा सा दान भी आपके जन्मों के पापों का नाश कर सकता है।
वैशाख 2026 के मुख्य व्रत और त्योहार
इस महीने में कई बड़े और महत्वपूर्ण त्योहार आने वाले हैं। यहाँ देखें पूरी लिस्ट:
- 3 अप्रैल: वैशाख माह की शुरुआत
- 13 अप्रैल: वरुथिनी एकादशी
- 14 अप्रैल: मेष संक्रांति और बैसाखी
- 17 अप्रैल: वैशाख अमावस्या
- 19 अप्रैल: अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती
- 23 अप्रैल: गंगा सप्तमी
- 25 अप्रैल: सीता नवमी
- 27 अप्रैल: मोहिनी एकादशी
- 30 अप्रैल: नृसिंह जयंती
- 1 मई: वैशाख पूर्णिमा और बुद्ध पूर्णिमा
ज्योतिष की नजर में वैशाख
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस महीने में ग्रहों के राजा सूर्य अपनी उच्च राशि ‘मेष’ में प्रवेश करते हैं। इसी समय से सौर कैलेंडर का नया साल भी शुरू होता है। सूर्य की स्थिति मजबूत होने के कारण यह समय नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।

