द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : Weather Update देश के मौसम में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्री-मानसून गतिविधियों के तेज होने और लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण उत्तर भारत सहित कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले एक सप्ताह तक देश के बड़े हिस्से में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। इसका सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और भीषण गर्मी से लोगों को अस्थायी राहत मिलने की संभावना है।
उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर में मौसम का असर
उत्तर-पश्चिम भारत इस समय मौसम परिवर्तन का केंद्र बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 1 मई से 6 मई के बीच रुक-रुक कर बारिश होने और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। इसके साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही इन गतिविधियों का असर मैदानी इलाकों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी पड़ेगा।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम खास तौर पर सक्रिय रहेगा। यहां 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही बारिश और ओलावृष्टि भी हो सकती है। इससे तापमान में लगभग 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। तीन से छह मई के बीच कई दौर की हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की स्थिति बनी रह सकती है।
राजस्थान, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में अलर्ट
राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मिश्रित रहने वाला है। पश्चिमी राजस्थान में 1 से 3 मई तक लू चलने की संभावना है, लेकिन इसके बाद वही क्षेत्र आंधी और बारिश की चपेट में आ सकता है। यह बदलाव दर्शाता है कि मौसम संक्रमण का दौर अपने चरम पर है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कहीं लू तो कहीं बारिश का असर देखने को मिलेगा।
पूर्वी भारत में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में काल-बैशाखी जैसे हालात बनने की संभावना है। यहां 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं फसलों और जनजीवन के लिए चुनौती बन सकती हैं। पटना, गया, दरभंगा और भागलपुर जैसे क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी अगले पांच दिनों तक आंधी और मध्यम बारिश का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। वहीं पूर्वोत्तर भारत खासतौर पर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभों के कारण हो रहा है, जो प्री-मानसून गतिविधियों को मजबूत बना रहे हैं। हालांकि मई के दूसरे पखवाड़े में एक बार फिर हीटवेव की वापसी हो सकती है।

