द लोकतंत्र/ कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भारी अंतर से पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, BJP ने लगभग 125 सीटों के अंतर से जीत दर्ज कर सत्ता की मजबूत दावेदारी पेश की है। इस बड़े जनादेश के साथ राज्य की राजनीति में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है, लेकिन इसके साथ ही विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है।
ममता बनर्जी के आरोप और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
चुनाव परिणामों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठाया है। उन्होंने Central Reserve Police Force (CRPF) पर आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। एक मीडिया बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों का व्यवहार अनुचित था, जिसने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
इसी के साथ TMC ने Election Commission of India पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की गई। पार्टी का कहना है कि जिन सीटों पर परिणाम स्पष्ट थे, वहां भी प्रमाण पत्र जारी करने में बाधा डाली गई। डायमंड हार्बर, मगराहट पुरबा, मगराहट पश्चिम, कुलपी, रायदीघी, पत्थरप्रतिमा, बसंती, बर्धमान उत्तर और सीताई जैसी सीटों का हवाला देते हुए TMC ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
हिंसा और सुरक्षा का मुद्दा, बढ़ाई गई निगरानी
चुनावी नतीजों के बाद राज्य में तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली। कोलकाता में स्थित कालीघाट क्षेत्र, जहां मुख्यमंत्री का आवास है, वहां कुछ लोगों द्वारा ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए जाने की घटना सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वहीं TMC ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में पार्टी कार्यालयों पर हमलों का भी आरोप लगाया है। दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर, कूच बिहार के तूफानगंज और उत्तर 24 परगना के पानिहाटी में कथित तौर पर उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि कार्यालयों के बैनर और पोस्टर फाड़े गए और वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरों का अपमान किया गया।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजे जहां BJP के लिए बड़ी राजनीतिक जीत लेकर आए हैं, वहीं दूसरी ओर TMC के आरोपों और घटनाओं ने राज्य की सियासत को और गरमा दिया है। आने वाले दिनों में इन आरोपों की जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस पूरे घटनाक्रम को और महत्वपूर्ण बना सकती हैं।

