द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : राहुल गांधी ने NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश के 22 लाख छात्रों के साथ बड़ा धोखा हुआ है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रही।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि NEET के 22 लाख बच्चों के साथ धोखा हुआ है, पर मोदी जी एक शब्द भी नहीं बोल रहे। उन्होंने मांग की कि धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से हटाया जाए, अन्यथा इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री खुद लें। उन्होंने अंग्रेजी में भी लिखा, Modi ji, SACK Dharmendra Pradhan ji NOW. कांग्रेस नेता का यह बयान ऐसे समय आया है जब मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को कथित अनियमितताओं और पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET विवाद अब केवल शिक्षा का मुद्दा नहीं रह गया, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति और युवाओं के भविष्य से जुड़ा बड़ा विषय बन चुका है।
छात्रों की आत्महत्या और परीक्षा घोटालों का मुद्दा उठाया
राहुल गांधी ने शुक्रवार को भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए उन छात्रों का जिक्र किया, जिन्होंने परीक्षा रद्द होने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 21 वर्षीय ऋतिक मिश्रा और गोवा के एक छात्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ये छात्र परीक्षा से नहीं, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था से हार गए।
उन्होंने लिखा कि “यह आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि परीक्षा घोटाले करने वालों को राजनीतिक संरक्षण मिलता है, जबकि मेहनत करने वाले छात्र मानसिक तनाव और निराशा का सामना करते हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि साल 2015 से 2026 के बीच देश में 148 परीक्षा घोटाले सामने आए, 87 परीक्षाएं रद्द हुईं और करीब 9 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। उनके अनुसार, इतने बड़े घोटालों के बावजूद केवल एक मामले में सजा हुई है। उन्होंने कहा कि CBI ने 17 मामलों और ED ने 11 मामलों की जांच की, लेकिन अब तक किसी भी बड़े आरोपी को सजा नहीं मिली।
21 जून को दोबारा होगी NEET-UG परीक्षा
गौरतलब है कि कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द की गई NEET-UG 2026 अब 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित हुई थी।
NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या अनधिकृत सूचना पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन पर ही ध्यान दें। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटाले देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में सरकार के सामने पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है। राजनीतिक तौर पर भी NEET विवाद आने वाले समय में बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि यह सीधे देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।

