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Mahesh Dixit बने भारत के नए IB चीफ, 33 साल के अनुभव वाले IPS अधिकारी संभालेंगे खुफिया एजेंसी की कमान

Mahesh Dixit becomes the new IB Chief of India, IPS officer with 33 years of experience will take command of the intelligence agency.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारत सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. Mahesh Dixit को देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नया निदेशक नियुक्त किया है। 1993 बैच के तेलंगाना कैडर के आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित लंबे समय से आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और संवेदनशील क्षेत्रों में खुफिया तंत्र से जुड़े रहे हैं। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा पार से आने वाली चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महेश दीक्षित इससे पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो मुख्यालय में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। पिछले दो वर्षों से उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और आतंकवाद विरोधी अभियानों से लेकर जम्मू-कश्मीर एवं पूर्वोत्तर राज्यों में खुफिया संचालन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। सुरक्षा मामलों के जानकार उनकी नियुक्ति को एजेंसी की कार्यक्षमता और अनुभव आधारित नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

Mahesh Dixit ने कश्मीर से लेकर काउंटर टेररिज्म तक संभाली अहम जिम्मेदारियां

डॉ. महेश दीक्षित का करियर खुफिया और सुरक्षा तंत्र के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में बीता है। पिछले वर्ष दिसंबर से वे इंटेलिजेंस ब्यूरो के काउंटर टेररिज्म (Counter Terrorism) विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले स्पेशल डायरेक्टर के रूप में उन्होंने आईबी की जम्मू-कश्मीर डिवीजन का नेतृत्व किया। महेश दीक्षित श्रीनगर स्थित सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) के प्रमुख भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में भी खुफिया अभियानों का नेतृत्व किया, जहां सुरक्षा और उग्रवाद से जुड़े मामलों में उनका अनुभव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम अभियानों में उनकी रणनीतिक भूमिका रही है। आतंकवाद विरोधी तंत्र, सीमा सुरक्षा और आंतरिक खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।

Mahesh Dixit को 33 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव, कई प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित

डॉ. महेश दीक्षित ने वर्ष 1993 में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भारतीय पुलिस सेवा (IPS) जॉइन की थी। लगभग 33 वर्षों के अपने प्रशासनिक और सुरक्षा अनुभव के दौरान उन्होंने केंद्र और विभिन्न राज्यों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने नई दिल्ली में इंटेलिजेंस ब्यूरो के संयुक्त सहायक निदेशक (Joint Assistant Director) के रूप में भी सेवाएं दीं। प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ वे शैक्षणिक रूप से भी मजबूत पृष्ठभूमि रखते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र से एमडी (MD) की पढ़ाई पूरी की है और 5 सितंबर 1993 को भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए थे।

उनकी उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से भी सम्मानित किया है। वर्ष 2016 में उन्हें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (President’s Police Medal for Distinguished Service) प्रदान किया गया। इससे पहले वर्ष 2009 में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक (Police Medal for Meritorious Service) और वर्ष 2004 में आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक (Internal Security Medal) से सम्मानित किया जा चुका है।

महेश दीक्षित की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, सीमा पार गतिविधियों और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से लगातार निपट रही हैं। ऐसे में उनके व्यापक अनुभव से इंटेलिजेंस ब्यूरो को नई रणनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें – अयोध्या Ram Mandir चढ़ावा मामला: कथित गड़बड़ी पर FIR दर्ज, 8 लोग नामजद; SIT रिपोर्ट के बाद बड़ा एक्शन

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