द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : उत्तराखंड के हल्द्वानी में Congress नेता मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कथित ‘शुद्धीकरण’ को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद अब कोर्ट तक पहुंच गया है। मामले में उत्तराखंड हाई कोर्ट ने स्वतंत्र जांच की मांग वाली कांग्रेस की याचिका खारिज कर दी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके। साथ ही हाई कोर्ट ने पुलिस की ओर से की जा रही जांच पर भी संतोष जताया और उसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
अदालत के इस फैसले के बाद हल्द्वानी के कथित शुद्धीकरण मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस लगातार इस घटना को लेकर बीजेपी पर सवाल उठाती रही है, जबकि बीजेपी ने कांग्रेस पर मामले को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।
खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धीकरण’ का आरोप, Congress ने उठाया था मुद्दा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि रैली खत्म होने के बाद मैदान में कथित तौर पर शुद्धीकरण यज्ञ कराया गया। इसके बाद यह मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया और कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी को निशाने पर लेना शुरू कर दिया।
कांग्रेस नेताओं ने इस कथित घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की। पार्टी की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया और इसे लेकर प्रदेश की सियासत में भी बयानबाजी तेज हुई। इसी विवाद के बीच कांग्रेस की ओर से मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया गया था। सोमवार को इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। कांग्रेस ने कथित शुद्धीकरण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और इस मामले को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के विरोध में ‘हल्ला बोल-मुख्यमंत्री आवास घेराव’ कार्यक्रम आयोजित किया।
कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ नेताओं ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया।
बीजेपी ने Congress पर लगाया झूठ फैलाने का आरोप
दूसरी ओर बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए मामले को लेकर प्रदेश के सभी जिलों में धरना दिया। बीजेपी ने कांग्रेस पर कथित शुद्धीकरण मामले को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ के दौरान बीजेपी नेताओं ने सामाजिक सम्मान और समानता का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि सामाजिक सम्मान और समानता किसी एक राजनीतिक दल की राजनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये देश के सामाजिक ताने-बाने और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े विषय हैं।
अब हाई कोर्ट द्वारा स्वतंत्र जांच की याचिका खारिज किए जाने के बाद मामले में कांग्रेस की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी। वहीं, अदालत के फैसले के बाद बीजेपी को कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करने का एक और आधार मिल गया है। हालांकि, कथित ‘शुद्धीकरण’ की घटना और उससे जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित जांच और आधिकारिक निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगी।




