द लोकतंत्र/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर्नाटक के प्रसिद्ध श्री पेजावर अधोक्षज मठ के पीठाधीश श्री श्री विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर PM Modi ने सोशल मीडिया पर साझा की। मुलाकात के दौरान पद्म विभूषण यतिकुल चक्रवर्ती श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी की जन्म शताब्दी समारोह से जुड़े लोगो का अनावरण भी किया गया। विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के प्रमुख हैं। वह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों में भी शामिल रहे हैं और अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
PM Modi ने साझा की मुलाकात की तस्वीर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर साझा की। इस दौरान पेजावर मठ से जुड़े संत और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। पेजावर मठ के वर्तमान पीठाधीश विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी, प्रसिद्ध संत श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के उत्तराधिकारी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का विश्वेश तीर्थ स्वामीजी के साथ भी लंबे समय से आध्यात्मिक और व्यक्तिगत संपर्क रहा था। 2019 में उनके निधन पर PM Modi ने उन्हें सेवा और आध्यात्मिकता का प्रेरणास्रोत बताते हुए श्रद्धांजलि दी थी।
क्या है पेजावर अधोक्षज मठ?
पेजावर अधोक्षज मठ कर्नाटक के उडुपी स्थित प्रमुख हिंदू मठों में से एक है। यह उडुपी के प्रसिद्ध अष्ट मठों यानी आठ प्रमुख मठों की परंपरा का हिस्सा है। इसका संबंध द्वैत वेदांत परंपरा से है, जिसकी स्थापना आचार्य माधवाचार्य ने की थी। माधवाचार्य द्वारा स्थापित उडुपी की मठ परंपरा में आठ मठ शामिल हैं। इन मठों के पीठाधीश बारी-बारी से उडुपी श्रीकृष्ण मंदिर की पूजा और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हैं।
भगवान विट्ठल की होती है पूजा
पेजावर मठ में भगवान श्री विट्ठल की पूजा प्रमुख रूप से की जाती है। धार्मिक परंपरा में यहां भगवान विट्ठल को विशेष महत्व प्राप्त है। मठ की धार्मिक गतिविधियां माधवाचार्य की द्वैत वेदांत परंपरा से जुड़ी हुई हैं। उडुपी की अष्ट मठ परंपरा की सबसे खास विशेषताओं में से एक इसकी पर्याय व्यवस्था है। इसके तहत आठों मठों को बारी-बारी से उडुपी श्रीकृष्ण मंदिर की पूजा और प्रबंधन की जिम्मेदारी मिलती है।
कौन हैं विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी?
विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी श्री पेजावर अधोक्षज मठ के वर्तमान पीठाधीश हैं। वह धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के साथ-साथ अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से भी जुड़े रहे हैं। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी गर्भगृह में मौजूद प्रमुख संतों में शामिल थे। पेजावर परंपरा के पूर्व पीठाधीश श्री विश्वेश तीर्थ स्वामीजी को PM Modi ने 2019 में श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें सेवा और आध्यात्मिकता का प्रेरणास्रोत बताया था।
PM Modi के लिए क्यों खास है पेजावर मठ?
पेजावर मठ की पहचान केवल एक धार्मिक संस्था के रूप में नहीं, बल्कि उडुपी की सदियों पुरानी माधव परंपरा और द्वैत दर्शन से जुड़े प्रमुख मठ के रूप में है। उडुपी के आठ मठों की सामूहिक परंपरा श्रीकृष्ण मंदिर की पूजा-पद्धति और धार्मिक प्रशासन से गहराई से जुड़ी हुई है। इसी वजह से पेजावर मठ और उसके पीठाधीशों का कर्नाटक के धार्मिक एवं आध्यात्मिक जीवन में विशेष स्थान माना जाता है।
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