द लोकतंत्र/नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के लगातार जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने सरकार को संवाद और संवेदनशीलता के रास्ते पर चलने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जायज मांगों को सुना जाना चाहिए और प्रदर्शनकारियों की बात को गंभीरता से लेना जरूरी है। जोशी ने बल प्रयोग को समाधान नहीं बताया। दिल्ली में INDIA ब्लॉक के नेता लगातार तीसरे दिन CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विवाद मुख्य रूप से Special Intensive Revision (SIR) के तहत मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर है। विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि चुनाव आयोग और बीजेपी विपक्ष के आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
‘जायज मांगों को संवेदना के साथ सुना जाना चाहिए’
मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि जो भी जायज मांगें हैं, उन्हें संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में कहा कि डंडे के इस्तेमाल से समस्याओं का समाधान नहीं निकलता। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दिल्ली में विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। पिछले दो दिनों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।
निष्पक्ष चुनाव को बताया लोकतंत्र की बुनियाद
CEC विवाद पर अपने विचार रखते हुए जोशी ने लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव, जवाबदेह सरकार और पारदर्शी प्रशासन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अब्राहम लिंकन के प्रसिद्ध लोकतांत्रिक सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता की सरकार तभी मजबूत रह सकती है, जब चुनाव निष्पक्ष तरीके से हों। जोशी ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में नौकरशाही की कार्यप्रणाली पारदर्शी होनी चाहिए और विपक्ष की भूमिका जिम्मेदार एवं प्रभावी होनी चाहिए। उनके मुताबिक, जनता के सामने सरकार के विकल्प के रूप में स्पष्ट कार्यक्रम भी होना चाहिए।
‘संविधान के दायरे में होने चाहिए CEC के काम’
बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी काम संविधान के दायरे में होने चाहिए। अगर संविधान का उल्लंघन होता है, तो ऐसे मामलों पर सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा। जोशी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन दिल्ली से बाहर भी फैल रहा है। बिहार, कर्नाटक और अन्य राज्यों में भी SIR और चुनाव आयोग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं।
तीसरे दिन भी CEC खिलाफ़ जारी रहा विपक्ष का प्रदर्शन
दिल्ली में विपक्षी INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी रहा। विपक्षी नेता CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और SIR के जरिए मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रहे हैं। वहीं, सरकार और चुनाव आयोग का पक्ष विपक्ष के आरोपों से अलग है। चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची को अपडेट और शुद्ध करने की प्रक्रिया के तौर पर देखता है, जबकि विपक्ष इसके क्रियान्वयन और संभावित मतदाता वंचना को लेकर सवाल उठा रहा है। इस राजनीतिक टकराव के बीच मुरली मनोहर जोशी की संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया पर जोर देने वाली टिप्पणी ने इस पूरे विवाद में एक अलग पहलू जोड़ दिया है।
यह भी पढे़-
Patna SIR Protest: पटना में SIR के खिलाफ महागठबंधन का प्रदर्शन, तेजस्वी यादव समेत कई नेता हिरासत में



