द लोकतंत्र/नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके बावजूद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके आंदोलन करने के अपने फैसले पर कायम हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संविधान विरोध प्रदर्शन का अधिकार देता है, तो इसके लिए अनुमति लेने की जरूरत क्यों है?
‘जंतर-मंतर पर आंदोलन होकर रहेगा’: CJP
दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद अभिजीत दीपके ने साफ कहा कि CJP का आंदोलन होकर रहेगा। उन्होंने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 19 का हवाला दिया। दीपके ने कहा, “हमारा आंदोलन होकर रहेगा। जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह है। अनुच्छेद 19 विरोध करने का मौलिक अधिकार देता है। तो फिर इजाजत लेने की क्या जरूरत है?”
उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में वोट हटाए जाने से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने से रोका जा रहा है। दीपके ने कहा कि चुनाव में कथित धांधली के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है और पार्टी देश को बचाने के लिए प्रदर्शन करेगी।
दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति?
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, CJP की ओर से प्रदर्शन के लिए आवेदन 7 अक्टूबर को मिला था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन दिया जाना चाहिए, इसलिए निर्धारित समय के लिहाज से यह आवेदन काफी देर से मिला। संयुक्त पुलिस आयुक्त नुपूर प्रसाद ने बताया कि सीजेपी को पहले भी प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान पार्टी ने निर्धारित कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था। उनके अनुसार, पार्टी ने प्रशासन से किए गए वादों को भी पूरा नहीं किया। पुलिस ने पिछले अनुभवों, निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं होने और मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए इस बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है।
धारा 163 लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। इस प्रावधान के तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति प्रदर्शन आयोजित करने या लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन करने की अपील की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित सीजेपी प्रदर्शन को लेकर अब पार्टी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने हैं। एक ओर पुलिस ने अनुमति नहीं मिलने और कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला दिया है, वहीं दूसरी ओर अभिजीत दीपके ने आंदोलन वापस लेने से इनकार किया है। ऐसे में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की आगे की कार्रवाई और CJP के अगले कदम पर नजर रहेगी।
यह भी पढ़े-
Yogi Adityanath: PM मोदी के नाम पर होगा जेवर एयरपोर्ट, योगी कैबिनेट के 39 फैसलों पर लगी मुहर




