द लोकतंत्र/जयपुर: राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल को अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स (APO) में डाल दिया है। उद्योग विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत कई अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे IAS Shikhar Aggarwal को सभी पदों से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई उनके और उनके परिवार की संपत्ति से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद हुई है।
हालांकि, सरकार ने इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए हैं। दैनिक भास्कर की 27 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट में दावा किया गया था कि IAS Shikhar Aggarwal, उनकी IPS अधिकारी पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर ने एक ही कंपनी से कुल 40 कॉटेज विला खरीदे थे। रिपोर्ट में इन संपत्तियों की खरीद और लीज से होने वाली आय को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
एक कंपनी से खरीदे 40 विला, 6.16 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार ने विला गोयल फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड से ये संपत्तियां खरीदी थीं। इनमें 20 विला अलवर के अजबगढ़ और 20 कॉटेज उदयपुर के बुझड़ा में स्थित बताए गए हैं। इन संपत्तियों की खरीद पर कुल 6.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि खरीद के बाद इन विला को उसी कंपनी को लीज पर दे दिया गया। इसके बदले परिवार को सालाना करीब 1.8 करोड़ रुपये किराये के रूप में मिलने की बात कही गई है।
प्रॉपर्टी रिटर्न को लेकर भी उठे सवाल मामले में संपत्तियों की जानकारी वार्षिक प्रॉपर्टी रिटर्न में दर्ज नहीं किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। इस पर IAS Shikhar Aggarwal का कहना है कि उन्होंने संपत्तियों की जानकारी दी थी, लेकिन उसे अपडेट नहीं किया गया। ऐसे में संपत्ति विवरण से जुड़े रिकॉर्ड और अधिकारी का पक्ष इस मामले में महत्वपूर्ण हैं।
IAS Shikhar Aggarwal की पत्नी प्रशाखा माथुर जयपुर में तैनात
1993 बैच के IAS Shikhar Aggarwal उद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और भिवाड़ी इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट अथॉरिटी जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें APO में रखा गया है। उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर IPS अधिकारी हैं और फिलहाल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के पद पर जयपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं। फिलहाल, सरकार की ओर से कार्रवाई के लिए प्रशासनिक कारण बताए गए हैं। संपत्ति से जुड़े आरोपों पर किसी अंतिम आधिकारिक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
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