द लोकतंत्र/ ऑटो न्यूज़ : भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन हाल ही में Mahindra BE 6 में आग लगने की घटना ने ईवी सेफ्टी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि आधुनिक तकनीक के साथ जिम्मेदार उपयोग और सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं बैटरी ओवरहीटिंग, गलत चार्जिंग, वायरिंग में खराबी या दुर्घटना के बाद बैटरी डैमेज जैसे कारणों से हो सकती हैं। ऐसे में वाहन मालिकों को सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना बेहद जरूरी हो जाता है।
आग की वजह क्या थी? बैटरी नहीं, टायर बना कारण
प्रारंभिक डेटा और वीडियो विश्लेषण से सामने आया कि वाहन को करीब 10 मिनट तक लगभग 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया, जबकि उसका रियर-राइट टायर पूरी तरह पंक्चर था। लगातार ड्राइव करने के कारण टायर पर अत्यधिक घर्षण हुआ और तापमान तेजी से बढ़ गया। इस दौरान टायर प्रेशर से जुड़े कई अलर्ट मिले, वहीं ESP और TCS जैसे सेफ्टी सिस्टम सक्रिय रहे, लेकिन चेतावनियों के बावजूद वाहन नहीं रोका गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आग की शुरुआत टायर के रबर से हुई थी, न कि बैटरी से।
यह घटना इस बात पर जोर देती है कि डैशबोर्ड पर आने वाली चेतावनियों को नजरअंदाज करना गंभीर खतरे को जन्म दे सकता है। समय पर गाड़ी रोकना और समस्या की जांच कराना बड़े हादसे को टाल सकता है।
EV मालिकों के लिए 5 जरूरी सेफ्टी टिप्स
इलेक्ट्रिक कार की बैटरी वाहन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, इसलिए इसकी नियमित जांच बेहद जरूरी है। अधिकृत सर्विस सेंटर पर समय-समय पर निरीक्षण कराने से ओवरहीटिंग, सूजन या तकनीकी खराबियों का जल्दी पता लगाया जा सकता है। साथ ही ओवरचार्जिंग से बचना और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को अपडेट रखना सुरक्षा के लिहाज से अहम है।
चार्जिंग के दौरान हमेशा कंपनी द्वारा प्रमाणित चार्जर और केबल का ही इस्तेमाल करना चाहिए। लोकल या कम गुणवत्ता वाले उपकरण शॉर्ट सर्किट और आग का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा चार्जिंग एरिया का हवादार होना जरूरी है, ताकि गर्मी जमा न हो। पार्किंग करते समय भी सावधानी बरतना जरूरी है। बहुत अधिक गर्म जगहों पर लंबे समय तक वाहन खड़ा करने से बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। बेहतर होगा कि गाड़ी छायादार और सुरक्षित स्थान पर पार्क की जाए, जहां आसपास ज्वलनशील वस्तुएं न हों।
इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा काफी हद तक सॉफ्टवेयर पर निर्भर करती है। कंपनी द्वारा जारी अपडेट बैटरी मैनेजमेंट और थर्मल कंट्रोल को बेहतर बनाते हैं, इसलिए उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सबसे अहम बात, यदि डैशबोर्ड पर कोई चेतावनी दिखाई दे, अजीब गंध आए या धुआं नजर आए, तो तुरंत वाहन रोककर विशेषज्ञ सहायता लें। सतर्कता और सही समय पर उठाया गया कदम न केवल वाहन को सुरक्षित रखता है, बल्कि जान-माल के नुकसान से भी बचा सकता है।

