द लोकतंत्र : आधुनिक अर्थव्यवस्था में ‘लोन’ (ऋण) अब केवल एक वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि जीवनशैली को उन्नत करने का एक अनिवार्य साधन बन गया है। आवास ऋण (Home Loan) से लेकर व्यक्तिगत ऋण (Personal Loan) तक, बैंक आज ग्राहकों की हर आवश्यकता को पूरा करने के लिए तत्पर हैं। हालांकि, बैंकिंग क्षेत्र में एक बड़ी गलतफहमी व्याप्त है कि केवल ‘उत्कृष्ट क्रेडिट स्कोर’ और ‘उच्च आय’ ही लोन की स्वीकृति सुनिश्चित करते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों और बैंक अधिकारियों के अनुसार, 2026 के नए बैंकिंग मानदंडों में अब ‘व्यवहारगत डेटा’ (Behavioral Data) और ‘बचत पैटर्न’ को भी समान महत्व दिया जा रहा है। कई मामलों में देखा गया है कि ₹2 लाख प्रति माह कमाने वाले व्यक्ति का लोन रिजेक्ट हो जाता है, जबकि ₹50,000 कमाने वाले व्यक्ति को आसानी से ऋण मिल जाता है।
क्रेडिट स्कोर से परे: बैंकों की सूक्ष्म जांच प्रक्रिया
बैंक अब केवल यह नहीं देखते कि आपने पिछला कर्ज कैसे चुकाया, बल्कि वे यह भी परखते हैं कि आप वर्तमान में अपने वित्त का प्रबंधन कैसे कर रहे हैं।
- व्यय और बचत का अनुपात: बैंक आपके खाते के विवरण (Bank Statement) का सूक्ष्म विश्लेषण करते हैं। यदि आपकी आय उच्च है, किंतु माह के अंत तक आपका बैलेंस शून्य के करीब पहुँच जाता है, तो बैंक इसे ‘वित्तीय अस्थिरता’ मानते हैं। बैंक उन ग्राहकों को अधिक विश्वसनीय मानते हैं जिनकी आय सीमित है लेकिन वे नियमित बचत (Recurring Savings) की प्रवृत्ति रखते हैं।
- खाते में नकदी का प्रवाह (Cash Flow): बैंकों के लिए ‘लिक्विडिटी’ महत्वपूर्ण है। यदि खाते में पैसा आते ही तुरंत निकल जाता है या अत्यधिक ‘अनिवार्य खर्च’ (Fixed Obligations) दिखते हैं, तो बैंक आपकी ऋण चुकाने की क्षमता पर संदेह करते हैं।
लोन अप्रूवल को प्रभावित करने वाले ‘साइलेंट’ कारक
ऋण स्वीकृत करने से पहले बैंक ‘डेट-टू-इनकम’ (Debt-to-Income) अनुपात का गहराई से मूल्यांकन करते हैं।
- ऋण उपयोग दर (Credit Utilization): यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट का अक्सर उपयोग करते हैं, तो यह आपकी ‘ऋण पर अत्यधिक निर्भरता’ को दर्शाता है, जो लोन रिजेक्शन का एक बड़ा कारण बनता है।
- पेशेवर स्थिरता: बैंक यह देखते हैं कि आप वर्तमान नौकरी या व्यवसाय में कितने समय से हैं। बार-बार नौकरी बदलना आपकी ‘स्थिरता’ पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
- अनन्य बैंकिंग संबंध: जिस बैंक में आपका प्राथमिक बचत खाता है, वहाँ से लोन मिलना अधिक सुगम होता है क्योंकि बैंक के पास आपके वर्षों के लेनदेन का डेटा उपलब्ध होता है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य का दृष्टिकोण
- “आने वाले समय में बैंक ‘एआई-आधारित’ विश्लेषण का उपयोग करेंगे जो आपके सोशल मीडिया और यूटिलिटी बिल भुगतान की आदतों से आपकी साख (Creditworthiness) का अनुमान लगाएंगे।” वर्ष 2026 में, बैंकों का झुकाव ‘कोलेटरल’ (Collateral) से हटकर ‘कैश फ्लो’ आधारित ऋण की ओर बढ़ रहा है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे न केवल अपना क्रेडिट स्कोर बनाए रखें, बल्कि अपने बैंक स्टेटमेंट में कम से कम 6 महीने की ‘बचत निरंतरता’ भी प्रदर्शित करें।
निष्कर्षतः, लोन प्राप्त करना केवल अंकों का खेल नहीं है, बल्कि यह आपके वित्तीय अनुशासन का प्रतिबिंब है। एक अच्छा क्रेडिट स्कोर आपके लिए बैंक के द्वार खोल सकता है, लेकिन उस द्वार के भीतर प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए आपकी बचत की आदतें और खर्चों पर नियंत्रण ही काम आता है। यदि आप भी निकट भविष्य में लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आज से ही अपने खाते में ‘बैलेंस स्थिरता’ (Balance Stability) बनाए रखने पर ध्यान दें।

