द लोकतंत्र : वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू बाजार की गतिशीलता के बीच वर्ष 2025 के अंतिम कारोबारी दिन, बुधवार 31 दिसंबर को सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना अपने पिछले स्तर से नीचे ट्रेड कर रहा है। यद्यपि साल भर निवेशकों को पीली धातु ने अकल्पनीय रिटर्न दिया है, किंतु उच्च मूल्य स्तर ने आम उपभोक्ताओं की क्रय क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यही कारण है कि बाजार में अब शुद्धता के साथ समझौते के बजाय बजट अनुकूल विकल्पों की खोज तेज हो गई है।
वायदा बाजार का हाल: एमसीएक्स पर गिरावट
बुधवार की सुबह घरेलू फ्यूचर मार्केट में बिकवाली का दबाव देखा गया।
- ट्रेडिंग आंकड़े: 5 फरवरी 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर आज ₹1,36,327 पर खुला, जो पिछले बंद स्तर ₹1,36,666 से नीचे था। सुबह 10:10 बजे तक यह ₹1,35,971 के स्तर पर आ गया, जो लगभग ₹700 प्रति 10 ग्राम की कमी को दर्शाता है।
- दैनिक उतार-चढ़ाव: शुरुआती कारोबार में सोना ₹1,36,327 के उच्चतम स्तर तक गया, किंतु मुनाफावसूली के चलते कीमतों में स्थिरता नहीं दिखी।
महानगरों में सोने का भाव: तुलनात्मक विवरण
विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों और ज्वेलरी मेकिंग चार्जेस के कारण दामों में भिन्नता देखी गई है।
| शहर | 24 कैरेट (₹) | 22 कैरेट (₹) | 18 कैरेट (₹) |
| दिल्ली | 1,36,340 | 1,24,990 | 1,02,070 |
| मुंबई | 1,35,880 | 1,24,550 | 1,01,910 |
| चेन्नई | 1,36,910 | 1,25,500 | 1,04,700 |
| कोलकाता | 1,35,880 | 1,24,550 | 1,01,910 |
(दरें प्रति 10 ग्राम, गुड रिटर्न के अनुसार)
नया उपभोक्ता ट्रेंड: 18 कैरेट की बढ़ती मांग
सोने के भाव ₹1.35 लाख के पार होने के कारण मध्यम वर्ग के बीच एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
- किफायती विकल्प: उपभोक्ता अब 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका मुख्य कारण प्रति 10 ग्राम लगभग ₹20,000 से ₹22,000 तक की बचत है।
- डिजाइन और मजबूती: 18 कैरेट सोना मजबूत होता है, जिससे इसमें जटिल और आधुनिक डिजाइन बनाना आसान होता है, जो आज की युवा पीढ़ी को आकर्षित कर रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 निवेशकों के लिए स्वर्णिम सिद्ध हुआ है, किंतु 2026 के प्रारंभ में कीमतों में कुछ करेक्शन (Correction) देखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेड रिजर्व की नीतियों और भू-राजनीतिक स्थितियों पर सोने की भावी चाल निर्भर करेगी। खुदरा खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे एकमुश्त खरीदारी के बजाय किस्तों में या ‘डिजिटल गोल्ड’ के माध्यम से निवेश करें।
निष्कर्षतः, सोना अब मात्र गहना नहीं बल्कि एक सुरक्षित संपत्ति वर्ग (Safe Haven Asset) बन चुका है। यद्यपि आज बाजार में हल्की नरमी है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से इसकी चमक बरकरार रहने की उम्मीद है। खरीदारी से पूर्व स्थानीय दरों और हॉलमार्किंग की जांच अवश्य करें।

