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AI के मामले में भारत ने गाड़े झंडे: Claude.ai का इस्तेमाल करने में दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंचा देश

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द लोकतंत्र : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एआई बनाने वाली मशहूर कंपनी ‘एंथ्रोपिक’ (Anthropic) की ताज़ा ‘इकोनॉमिक इंडेक्स रिपोर्ट’ के अनुसार, भारत अब Claude.ai के इस्तेमाल के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। 15 जनवरी, 2026 को जारी इस रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि भारतीय अब एआई को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपने काम को आसान बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

ग्लोबल लेवल पर भारत अब केवल अमेरिका से पीछे है, जबकि जापान, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया जैसे विकसित देश भी भारत के मुकाबले पीछे रह गए हैं।

सॉफ्टवेयर और कोडिंग है ‘Center of Attraction’

भारत में एआई के बढ़ते इस्तेमाल की सबसे बड़ी वजह यहाँ का सॉफ्टवेयर सेक्टर है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में Claude.ai के कुल उपयोग का लगभग 45.2% हिस्सा कंप्यूटर, गणित और तकनीकी कामों से जुड़ा है। भारत के टॉप 10 उपयोगों में से 5 केवल सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट से जुड़े हैं।

इसका मतलब यह है कि भारतीय डेवलपर्स अब कोडिंग करने, गलतियाँ ढूंढने (Debugging) और नए वेब एप्लिकेशन बनाने के लिए एआई पर काफी ज्यादा निर्भर हो रहे हैं।

वेब डेवलपमेंट में दुनिया से आगे भारतीय

रिपोर्ट में एक बेहद दिलचस्प बात सामने आई है। भारतीय यूजर्स सीएसएस (CSS), एचटीएमएल (HTML) और यूआई (UI) स्टाइलिंग जैसे वेब डेवलपमेंट के कामों के लिए क्लाउड एआई का उपयोग दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले दो गुना ज्यादा कर रहे हैं। वहीं, वेब एप्लिकेशन बनाने और उन्हें ठीक करने के लिए भारत की निर्भरता ग्लोबल एवरेज से 1.7 गुना अधिक है।

करियर बनाने के लिए भी AI बना साथी

सिर्फ ऑफिस का काम ही नहीं, भारतीय युवा अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए भी एआई की मदद ले रहे हैं। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • जॉब सर्च और प्रोफेशनल ग्रोथ: भारतीय यूजर्स नौकरी की तलाश और प्रोफेशनल स्किल्स सीखने के लिए एआई का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • ऑटोमेशन: चैटबॉट और वर्कफ़्लो ऑटोमेशन जैसे सिस्टम बनाने में भारतीय यूजर्स की संख्या दुनिया के औसत से 1.5 गुना अधिक है।
  • एकेडमिक्स: साइंस और मैथ (STEM) विषयों की पढ़ाई और बिजनेस प्लानिंग के लिए भी एआई का उपयोग तेजी से बढ़ा है।

इस्तेमाल ज्यादा, लेकिन अभी और है गुंजाइश

हैरानी की बात यह है कि दुनिया में दूसरे नंबर पर होने के बावजूद, भारत की बड़ी आबादी के हिसाब से एआई का ‘इस्तेमाल घनत्व’ (Usage Intensity) अभी भी कम है। एंथ्रोपिक का एआई यूज इंडेक्स (AUI) भारत को 0.22 पर रखता है। इसका मतलब है कि अभी भी भारत की एक बहुत बड़ी आबादी तक एआई की पहुँच होना बाकी है।

कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट दिखाती है कि भारत एआई क्रांति का नेतृत्व करने के लिए तैयार है और आने वाले समय में यहाँ एआई का असर और भी गहरा होगा।

Team The Loktantra

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