द लोकतंत्र : अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस भू-राजनीतिक संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिख रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कमी को लेकर कुछ अफवाहें तेजी से फैल रही हैं, जिससे कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखी गई।
हालांकि, आज 6 मार्च 2026 को सरकारी तेल कंपनियों और बीपीसीएल (BPCL) ने सामने आकर इन अफवाहों की हवा निकाल दी है। सरकार ने साफ किया है कि देशवासियों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
वैश्विक सप्लाई पर मंडराता खतरा
पश्चिम एशिया दुनिया का सबसे बड़ा तेल और गैस उत्पादक क्षेत्र है। ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग के कारण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Hormuz Strait) जैसे प्रमुख समुद्री मार्गों पर आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव लंबा खिंचा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ा उछाल आ सकता है। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि भारत में पेट्रोल खत्म हो रहा है।
भारत के पास है ‘ईंधन का सुरक्षित भंडार’
सरकारी तेल कंपनियों ने एक सुर में कहा है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा नीति बहुत मजबूत है। देश के पास आपात स्थितियों के लिए पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त भंडार (Strategic Reserves) मौजूद है।
- आपूर्ति सामान्य: सभी रिफाइनरियां और सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रही हैं।
- भंडारण क्षमता: भारत ने अपनी जरूरत के हिसाब से कच्चे तेल का आयात और भंडारण पहले से ही सुनिश्चित कर रखा है।
महत्वपूर्ण सूचना: देश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल या डीज़ल की कोई कमी नहीं है। तेल कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग (घबराकर खरीदारी) न करें और पंपों पर भीड़ न लगाएं।
BPCL ने अफवाहों को सिरे से नकारा
दिग्गज तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि सोशल मीडिया पर चल रही कमी की खबरें निराधार हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उनके सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की निर्बाध सप्लाई जारी है। बीपीसीएल ने ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।
विशेषज्ञों की क्या है राय?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 85-90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही हैं, जो चिंता का विषय जरूर है, लेकिन भारत की वितरण व्यवस्था (Distribution System) इतनी मजबूत है कि फिलहाल घरेलू स्तर पर किल्लत होने की कोई संभावना नहीं है।
युद्ध की खबरों के बीच अफवाहों का बाजार गर्म होना आम बात है। आप निश्चिंत रहें, आपके वाहन के लिए पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं होने वाली है। सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

