द लोकतंत्र : आम आदमी की रसोई पर महंगाई का एक और बड़ा बोझ पड़ गया है। शनिवार, 7 मार्च 2026 की सुबह से ही गैस सिलेंडर की नई कीमतें लागू हो गई हैं। इस बार घरेलू गैस सिलेंडर (Domestic LPG) के दाम में ₹60 की सीधी बढ़ोतरी की गई है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में साल में दूसरी बार ₹100 से ज्यादा का इजाफा हुआ है।
करीब 3 साल के लंबे इंतजार के बाद कमर्शियल एलपीजी की कीमतें फिर से ₹2000 के पार पहुँच गई हैं। लेकिन सबसे ज्यादा झटका घरेलू उपभोक्ताओं को लगा है, क्योंकि करीब 11 महीने बाद कीमतों में कोई बदलाव हुआ है और वह भी इतना बड़ा।
30 महीने बाद ₹900 के पार पहुँची घरेलू LPG
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में करीब 6 साल के बाद सबसे बड़ी तेजी देखी गई है। आखिरी बार फरवरी 2020 में दाम ₹144.5 बढ़े थे, उसके बाद यह अब तक का सबसे बड़ा उछाल है। देश के चारों महानगरों में अब सिलेंडर ₹900 के पार बिक रहा है।
महानगरों में घरेलू गैस के नए दाम (14.2 kg):
| महानगर | नए दाम (रुपए में) | कितना बढ़ा (रुपए में) |
| दिल्ली | 913 | 60 |
| कोलकाता | 939 | 60 |
| मुंबई | 912.50 | 60 |
| चेन्नई | 928.50 | 60 |
कमर्शियल सिलेंडर ने तोड़ा 3 साल का रिकॉर्ड
व्यापारियों और रेस्टोरेंट मालिकों के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में ₹114.5 का इजाफा हुआ है। पिछले 4 महीनों में यह 5वीं बार है जब कीमतें बढ़ी हैं।
महानगरों में कमर्शियल गैस के नए दाम (19 kg):
| महानगर | नए दाम (रुपए में) | कितना बढ़ा (रुपए में) |
| दिल्ली | 1883 | 114.5 |
| कोलकाता | 1990 | 114.5 |
| मुंबई | 1835 | 114.5 |
| चेन्नई | 2043.50 | 114.5 |
क्यों बढ़ रहे हैं दाम? ‘होर्मुज स्ट्रेट’ का संकट
कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में छिड़ी जंग है। मिलिट्री संघर्ष की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चैन बुरी तरह प्रभावित हुई है। विशेषकर होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बंद होने की खबरों से गैस की सप्लाई में रुकावट आई है। जानकारों का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो घरेलू सिलेंडर की कीमतें जल्द ही ₹1000 के पार जा सकती हैं।
सरकार ने दिया भरोसा
हालांकि, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जनता को आश्वस्त किया है कि देश में एनर्जी की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को सस्ता और टिकाऊ ईंधन उपलब्ध कराना है और सप्लाई को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय हालातों ने एक बार फिर आम आदमी के घरेलू बजट को हिला कर रख दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में कीमतें स्थिर होती हैं या महंगाई का यह सिलसिला जारी रहता है।

