द लोकतंत्र : दुनिया की जानी-मानी फाइनेंशियल सर्विस कंपनी मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। बैंक ने अपने वर्कफोर्स में 3 परसेंट की कटौती करने का ऐलान किया है, जिसका सीधा असर करीब 2500 कर्मचारियों पर पड़ेगा।
हैरानी की बात यह है कि यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब बैंक ने पिछले साल बिजनेस के मामले में सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। आइए जानते हैं कि आखिर बंपर मुनाफे के बावजूद बैंक अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता क्यों दिखा रहा है।
किन विभागों पर गिरेगी गाज?
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह छंटनी मुख्य रूप से इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, ट्रेडिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट डिवीजनों में की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बैंक के ‘फाइनेंशियल एडवाइजर्स’ पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। दिसंबर 2025 के अंत तक मॉर्गन स्टेनली के कुल ग्लोबल वर्कफोर्स की संख्या 82,992 थी।
मुनाफा बढ़ा पर नौकरी गई
बैंक के लिए साल 2025 अब तक का सबसे बेहतरीन साल रहा है। सालाना रेवेन्यू रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया और चौथी तिमाही का मुनाफा भी बाजार की उम्मीदों से कहीं ज्यादा रहा। डीलमेकिंग और डेट अंडरराइटिंग में तेजी की वजह से रेवेन्यू में 47% का तगड़ा उछाल देखने को मिला था। बैंक ने 2026 में बहुत बड़ी उम्मीदों के साथ कदम रखा था, लेकिन अचानक आई इस छंटनी की खबर ने सबको हैरान कर दिया है।
AI नहीं, यह है छंटनी की असली वजह
अक्सर आजकल छंटनी के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन यहाँ मामला कुछ और है। सूत्रों के मुताबिक, यह ले-ऑफ बैंक की ‘लोकेशन स्ट्रेटजी’ में बदलाव का हिस्सा है।
- परफॉर्मेंस और स्ट्रेटजी: बैंक अपनी रणनीति बदल रहा है और पुराने रोल खत्म कर उन जगहों पर फोकस कर रहा है जहाँ ग्रोथ की ज्यादा संभावना है।
- नई भर्तियां: दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ बैंक कर्मचारियों को निकाल रहा है, तो दूसरी तरफ नए एरिया में हायरिंग (भर्ती) करने का भी प्लान बना रहा है। यानी बैंक अपनी टीम को नए सिरे से पुनर्गठित (Restructure) कर रहा है।
मॉर्गन स्टेनली का यह कदम यह दिखाता है कि आज के दौर में सिर्फ मुनाफा कमाना ही नौकरी की गारंटी नहीं है। कंपनियां अब तेजी से बदलती मार्केट जरूरतों के हिसाब से अपने वर्कफोर्स को अपडेट करने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।

