Advertisement Carousel
Business

SEBI चेयरमैन की Digital Gold निवेशकों को बड़ी चेतावनी, डिफॉल्ट होने पर सुरक्षा का अभाव

The loktnatra

द लोकतंत्र : भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने देश में तेज़ी से बढ़ते डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) बाज़ार में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों को बड़ी चेतावनी जारी की है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि डिजिटल गोल्ड को न तो सिक्योरिटी माना जाता है और न ही यह कमोडिटी डेरिवेटिव्स के दायरे के अंतर्गत आता है। नियामक की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब डिजिटल गोल्ड का बाज़ार 2021 के ₹5,000 करोड़ से बढ़कर लगभग ₹13,800 करोड़ तक पहुँच चुका है।

चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने नेशनल कॉन्क्लेव ऑन REITs एंड InvITs–2025 में जानकारी दी कि, यद्यपि डिजिटल गोल्ड इंडस्ट्री को रेगुलेट करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन SEBI फिलहाल इसे रेगुलेट नहीं करती है। नियामक का यह बयान निवेशकों के लिए जोखिम की गंभीरता को उजागर करता है।

SEBI के अनुसार, यदि किसी प्लेटफॉर्म, जो डिजिटल गोल्ड में निवेश की सुविधा देता है, में डिफॉल्ट (Default) होता है, तो ऐसी स्थिति में निवेशकों को सुरक्षित रखने या उनके हितों की रक्षा करने का कोई साधन SEBI के पास नहीं है। इसका सीधा अर्थ है कि निवेशकों को अपने पैसे के नुकसान की ज़िम्मेदारी स्वयं उठानी पड़ सकती है।

डिजिटल गोल्ड सोने की भौतिक खरीदारी नहीं है, बल्कि यह सोने का एक डिजिटल रूप है जिसे पेटीएम, फोन पे, गूगल पे जैसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स उपलब्ध करवाते हैं।

  • निवेश का स्वरूप: डिजिटल गोल्ड में निवेश करने वाला व्यक्ति असल में सोने की फिजिकल डिलीवरी नहीं लेता है, बल्कि प्लेटफॉर्म पर सोने की मात्रा खरीदता है, जो अमूमन किसी थर्ड पार्टी कस्टोडियन के पास रखा जाता है। यह व्यवस्था सीधे तौर पर गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या ट्रेडेबल गोल्ड सिक्योरिटीज से अलग है, जिन्हें SEBI रेगुलेट करती है और जो उसके दायरे में आते हैं।
  • सुरक्षा का अभाव: सेबी ने स्पष्ट कर दिया है कि गैर-नियामक (Unregulated) बाज़ार होने के कारण, प्लेटफॉर्म की वित्तीय स्थिति या कस्टोडियन के डिफॉल्ट होने की स्थिति में निवेशकों के पास कानूनी संरक्षण की कमी होगी।

चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने डिजिटल गोल्ड में निवेश करने वाले लोगों को पूरी सावधानी बरतने की नसीहत दी है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि निवेश करते समय प्लेटफॉर्म और उसकी शर्तों की पूरी जानकारी ज़रूर लेनी चाहिए, जिसमें यह भी शामिल है कि डिफॉल्ट की स्थिति में ग्राहक के निवेश का क्या होगा।

यह चेतावनी उन सभी निवेशकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो आसानी और छोटे निवेश की सुविधा के कारण डिजिटल गोल्ड की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। भविष्य में, डिजिटल गोल्ड को नियामक ढांचे के अंतर्गत लाने के लिए कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर सरकार और SEBI को मिलकर काम करने की आवश्यकता है, ताकि निवेशकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

the loktntra
Business

Gold-Silver Price Today: 14 दिनों में सोना ₹10,000 और चांदी ₹21,000 सस्ती! MCX और घरेलू बाजार में रिकॉर्ड गिरावट, जानें GST और मेकिंग चार्ज के बाद आज का भाव

द लोकतंत्र : सोना और चांदी की कीमत में गिरावट (Gold-Silver Price) का सिलसिला बीते 14 कारोबारी दिनों से जारी
the loktntra
Business

Investment Guide: दुबई में घर खरीदने के लिए टूट पड़े भारतीय! 2024 में ₹84,000 करोड़ का रिकॉर्ड निवेश, जानें टैक्स फ्री होने के अलावा कौन-से 3 बड़े कारण खींच रहे हैं निवेशक

द लोकतंत्र : जहां भारत के बड़े शहरों, खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में, अपना आशियाना खरीदना आम आदमी