द लोकतंत्र : भारतीय वित्तीय बाजार में अस्थिरता के बावजूद, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पारंपरिक निवेशकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए भरोसे का पर्याय बनी हुई है। जनवरी 2026 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जहाँ प्रमुख कमर्शियल बैंकों की ब्याज दरें एक स्तर पर स्थिर हैं, वहीं स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) वरिष्ठ नागरिकों को आकर्षित करने के लिए अत्यधिक प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों की पेशकश कर रहे हैं। सुरक्षित पूंजी के साथ निश्चित आय की चाह रखने वाले बुजुर्गों के लिए ये संस्थान 8 प्रतिशत सालाना तक का रिटर्न प्रदान कर रहे हैं, जो मुद्रास्फीति के दौर में एक बड़ी राहत सिद्ध हो सकता है।
बाजार तुलना: शीर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंकों का प्रदर्शन
5 वर्ष की अवधि वाली एफडी पर विभिन्न स्मॉल फाइनेंस बैंकों की ब्याज दरों का विश्लेषण नीचे तालिका में दिया गया है:
| बैंक का नाम | वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर (सालाना) |
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.00% |
| जना स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.77% |
| इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.50% |
| एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.25% |
| ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक | 6.25% |
स्मॉल फाइनेंस बैंकों में निवेश करने के पीछे धार्मिक और वित्तीय दोनों कारण महत्वपूर्ण हैं।
- प्रीमियम ब्याज दरें: सामान्य ग्राहकों की तुलना में वरिष्ठ नागरिकों को अमूमन 0.50% से 0.75% अतिरिक्त ब्याज मिलता है। सूर्योदय बैंक जैसे संस्थान 8% का रिटर्न देकर पूंजी वृद्धि को तेज करते हैं।
- DICGC बीमा कवच: कई निवेशकों के मन में इन बैंकों की सुरक्षा को लेकर संशय रहता है। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक स्मॉल फाइनेंस बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विनियमित है और जमाकर्ता को ₹5 लाख तक का बीमा कवच DICGC के तहत प्राप्त होता है, जो निवेश को पूर्णतः सुरक्षित बनाता है।
भविष्य का आउटलुक और विशेषज्ञ परामर्श
- वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 की आर्थिक स्थितियों को देखते हुए, निवेशकों को ‘लैडरिंग तकनीक’ अपनानी चाहिए। अर्थात्, पूरी पूंजी एक ही एफडी में लगाने के बजाय उसे अलग-अलग बैंकों और अवधियों में विभाजित करना चाहिए। इससे तरलता (Liquidity) भी बनी रहती है और ब्याज दरों में होने वाले किसी भी बदलाव का लाभ उठाया जा सकता है।
निष्कर्षतः, स्मॉल फाइनेंस बैंकों की एफडी वरिष्ठ नागरिकों के लिए आय का एक स्थिर और उच्च रिटर्न वाला स्रोत है। जहाँ सूर्योदय और जना जैसे बैंक बाजार में लीड कर रहे हैं, वहीं निवेशकों को अपनी जरूरतों के अनुसार सही अवधि का चुनाव करना चाहिए। पूंजी की सुरक्षा के साथ सम्मानजनक रिटर्न ही स्वस्थ सेवानिवृत्ति का आधार है।

