द लोकतंत्र : पिछले काफी समय से यूपीआई (UPI) चलाने वाले करोड़ों लोगों के मन में एक ही डर था—क्या अब गूगल पे, फोन-पे या पेटीएम से पैसे भेजने पर जेब ढीली करनी होगी? आरबीआई गवर्नर की पुरानी टिप्पणियों के बाद लोग कयास लगा रहे थे कि शायद सरकार इस पर टैक्स या चार्ज लगा दे।
लेकिन अब 2 फरवरी 2026 को बजट के माध्यम से सरकार ने इस भ्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है। सरकार ने साफ़ कर दिया है कि यूपीआई ट्रांजेक्शन पूरी तरह फ्री रहेंगे और इस पर कोई टैक्स या लेवी नहीं लगाई जाएगी।
बजट 2026 में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान
वित्तीय सेवा सचिव एम नागराजू ने सोमवार को बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड को बढ़ावा देने के लिए ₹2,000 करोड़ की सब्सिडी का एलान किया है।
इस भारी-भरकम राशि का मतलब सीधा है—डिजिटल पेमेंट की जो लागत आती है, उसका बोझ सरकार उठाएगी, आम जनता नहीं। इससे पहले 2025-26 में यह राशि ₹2,196 करोड़ थी।
साइबर फ्रॉड और बैंकों की जिम्मेदारी
यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ही साइबर धोखाधड़ी के सवाल भी उठे। इस पर नागराजू ने साफ़ किया कि बैंकों की तकनीकी गड़बड़ी के कारण होने वाले फ्रॉड 3% से भी कम हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोग थोड़ी सतर्कता बरतें, तो इस समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है। सरकार अब एक ऐसी कमेटी बनाने जा रही है जो बैंकों को ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों के लिए तैयार करेगी।
सरकारी बैंकों में बढ़ सकती है विदेशी पूंजी (FDI)
सरकारी बैंकों को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए सरकार एक बड़े बदलाव पर विचार कर रही है। फिलहाल सरकारी बैंकों में विदेशी निवेश (FDI) की सीमा केवल 20% है। सरकार अब इसे बढ़ाकर 49% करने की योजना बना रही है। इसके लिए मंत्रालयों के बीच बातचीत चल रही है। अगर ऐसा होता है, तो सरकारी बैंकों के पास अपनी सेवाओं को बेहतर करने के लिए ज्यादा पैसा और संसाधन होंगे।
मजबूत स्थिति में हैं भारतीय बैंक
नागराजू ने बैंकों की मौजूदा हालत पर संतोष जताते हुए कहा कि अभी बैंकों का एनपीए (खराब कर्ज) कम है और मुनाफा अच्छा हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जैसे बड़े देश के लिए हमें तीन से चार बहुत बड़े बैंकों की जरूरत है, जो वैश्विक स्तर पर मुकाबला कर सकें।
यूपीआई यूजर्स के लिए यह बजट राहत भरा रहा है। बिना किसी डर के डिजिटल पेमेंट जारी रखें, क्योंकि सरकार ने आपकी सुविधा को ‘फ्री’ रखने की पूरी गारंटी दे दी है।

