द लोकतंत्र : आज 20 मार्च 2026 है और चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है। 19 मार्च से शुरू हुई शक्ति की उपासना का यह महापर्व 27 मार्च तक चलेगा। नवरात्रि के नौ दिन आत्म-संयम, शुद्धता और अटूट श्रद्धा के होते हैं। कई लोग इन नौ दिनों में कड़े उपवास रखते हैं और माता रानी की सेवा करते हैं। लेकिन अक्सर अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं, जिससे हमारी पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता।
अगर आप भी इस बार मां दुर्गा की कृपा पाना चाहते हैं, तो इन खास बातों का ध्यान रखना आपके लिए बहुत जरूरी है।
तामसिक भोजन से बना लें दूरी
नवरात्रि के दौरान सबसे पहला नियम शुद्ध आहार का है। इस समय मांस, अंडा, शराब और तंबाकू जैसी चीजों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। सिर्फ इतना ही नहीं, रसोई में इस्तेमाल होने वाली कुछ आम चीजें जैसे हींग, सरसों का तेल और साधारण नमक का प्रयोग भी वर्जित माना जाता है। इनकी जगह मूंगफली का तेल या घी और सेंधा नमक का ही इस्तेमाल करें। प्याज और लहसुन को भी इन नौ दिनों के लिए किचन से बाहर कर देना चाहिए।
बाल, नाखून और दाढ़ी कटवाना है वर्जित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान शरीर की शुद्धि और ऊर्जा को बचाए रखना जरूरी होता है। इसलिए इन नौ दिनों में बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना या नाखून काटना अशुभ माना जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से साधना में बाधा आती है और एकाग्रता भंग होती है। अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो इन कामों को नवरात्रि शुरू होने से पहले या समापन के बाद ही करें।
व्यवहार पर रखें काबू: न करें निंदा, न बोलें झूठ
नवरात्रि सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह अपने स्वभाव को सुधारने का भी समय है। व्रत के दौरान किसी पर गुस्सा करना, झूठ बोलना या किसी की बुराई (निंदा) करना आपकी सकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर देता है। कोशिश करें कि आपका मन शांत रहे और आप दूसरों की मदद करें। याद रखें, माता रानी भाव की भूखी होती हैं, दिखावे की नहीं।
अखंड ज्योति और घर की सुरक्षा
अगर आपने घर में अखंड ज्योति जलाई है, तो नियम बेहद कड़े हो जाते हैं। ज्योति जलाने के बाद घर को कभी भी सूना छोड़कर बाहर न जाएं। ज्योति की देखभाल के लिए घर में किसी न किसी का होना अनिवार्य है। इसके अलावा, इन दिनों में लोहे का सामान, नुकीली चीजें या नया फर्नीचर खरीदना भी टाल देना चाहिए।
साफ-सफाई और अनुशासन
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना और पूजा स्थल की नियमित सफाई करना बहुत जरूरी है। गंदे कपड़े पहनकर या बिना स्नान किए माता की मूर्ति को स्पर्श न करें। सात्विक जीवनशैली का पालन करते हुए जमीन पर सोना (तख्त पर) और ब्रह्मचर्य का पालन करना भी श्रेष्ठ माना गया है।
नवरात्रि का पर्व हमें अनुशासन सिखाता है। यदि आप इन नियमों का पालन करते हुए सच्ची श्रद्धा से मां की आराधना करेंगे, तो यह नौ दिन आपको मानसिक और आध्यात्मिक रूप से बेहद मजबूत बना देंगे।

