द लोकतंत्र : दाल प्रोटीन का सबसे सस्ता और बेहतरीन जरिया है। आमतौर पर हम दाल धोते हैं और सीधे कुकर में सीटी लगा देते हैं। लेकिन शेफ पंकज भदौरिया के मुताबिक, यह तरीका न केवल दाल का स्वाद बिगाड़ता है, बल्कि इसके पोषक तत्वों को शरीर में जज्ब होने से भी रोकता है। आइए जानते हैं दाल पकाने के वो जरूरी स्टेप्स जो हर किसी को पता होने चाहिए।
पहला स्टेप: भिगोना क्यों है जरूरी?
ज्यादातर लोग समय बचाने के चक्कर में दाल को सीधे पकने रख देते हैं। शेफ पंकज भदौरिया कहती हैं कि दाल को पकाने से कम से कम 30 मिनट पहले भिगोना बहुत जरूरी है।
इसका वैज्ञानिक कारण: दालों में ‘फाइटिक एसिड’ होता है। यह एसिड शरीर में आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे जरूरी मिनरल्स को सोखने में बाधा डालता है। जब आप दाल भिगोते हैं, तो यह एसिड निकल जाता है। ध्यान रहे, भिगोने के बाद उस पानी को फेंक दें और ताजे पानी में ही दाल पकाएं।
दूसरा स्टेप: झाग हटाना है सबसे अहम
क्या आप दाल चढ़ाते ही तुरंत कुकर का ढक्कन बंद कर देते हैं? अगर हाँ, तो आप अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
- सही तरीका: दाल को बिना ढक्कन लगाए उबलने दें।
- सफेद झाग का सच: उबाल आते ही दाल के ऊपर सफेद झाग जमा होने लगता है। ये ‘सैपोनिन’ और अशुद्धियां होती हैं, जो पाचन में दिक्कत पैदा करती हैं और यूरिक एसिड बढ़ने का कारण भी बन सकती हैं।
- क्या करें: एक कलछी की मदद से इस पूरे झाग को हटा दें। जब पानी साफ दिखने लगे, तभी अगला स्टेप उठाएं।
तीसरा स्टेप: मसाले डालने का सही वक्त
जब आप दाल का झाग पूरी तरह हटा दें, उसके बाद ही उसमें नमक, हल्दी और अन्य मसाले डालें। अब कुकर का ढक्कन बंद करें और दाल को पकने दें। इस तरीके से पकी हुई दाल न केवल आसानी से पचती है, बल्कि उसका प्राकृतिक स्वाद और रंग भी बेहतर निकलकर आता है।
छोटी बातें, बड़े फायदे
कुकिंग सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक विज्ञान है। अगर हम छोटे-छोटे बदलाव करें, जैसे दाल भिगोना और अशुद्धियां हटाना, तो खाने के न्यूट्रिएंट्स हमें पूरी तरह मिलते हैं। सही तरीके से तैयार की गई दाल न सिर्फ स्वादिष्ट लगती है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूती भी देती है।
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