द लोकतंत्र : सर्दियों का मौसम आते ही भारतीय रसोई में गाजर का हलवा और मूंग दाल के शीरे की सुगंध महकने लगती है। किंतु, वर्ष 2026 के वेलनेस ट्रेंड्स ने मिठाइयों के पारंपरिक नजरिए को बदल दिया है। आज उपभोक्ता स्वाद के साथ समझौता किए बिना पोषक तत्वों की खोज में हैं। इसी कड़ी में ‘चॉकलेट-शकरकंद केक’ एक क्रांतिकारी विकल्प बनकर उभरा है। शकरकंद (Sweet Potato), जो सर्दियों की एक प्रमुख सब्जी है, जब डार्क चॉकलेट के साथ मिलती है, तो यह न केवल एक शानदार डेजर्ट बनती है, बल्कि शरीर के लिए एक ऊर्जा स्रोत का भी कार्य करती है।
पोषण विश्लेषण: क्यों है यह केक बेहद खास?
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि शकरकंद की तासीर गर्म होती है, जो कड़ाके की ठंड में आंतरिक तापमान बनाए रखने में सहायक है।
- शकरकंद के लाभ: इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन A और C पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को सुधारने और इम्यूनिटी मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाता है।
- चॉकलेट का वैज्ञानिक पक्ष: काकाओ (Cacao) पाउडर एंटीऑक्सीडेंट्स से लथपथ होता है, जो हृदय स्वास्थ्य और मस्तिष्क की कार्यक्षमता (Cognitive Function) को बढ़ावा देता है।
पाक विधि: निर्माण की प्रक्रिया और सावधानी
इस केक की सफलता इसकी बनावट और सामग्री के सटीक मिश्रण पर निर्भर करती है।
- आधार तैयार करना: डेढ़ कप शकरकंद की प्यूरी को दो अंडों, मेपल सिरप और वनीला एक्सट्रैक्ट के साथ तब तक फेंटें जब तक मिश्रण हल्का और हवादार न हो जाए। 2. मिश्रण की शुद्धता: कोको पाउडर और नमक को छानकर डालना अनिवार्य है ताकि बेटर में गुठलियां न पड़ें।
- बेकिंग मानक: ओवन को 350 ℉ पर प्री-हीट करके तकरीबन एक घंटे तक बेक करें। बेकिंग के पश्चात वायर रैक पर आधे घंटे तक ठंडा होने देना इसकी संरचना को स्थिर बनाता है।
फ्रॉस्टिंग और गार्निशिंग
- केक की स्वाद वृद्धि के लिए डबल बॉयलर विधि से पिघलाई गई डार्क चॉकलेट और हैवी क्रीम का मिश्रण (Ganache) सबसे उपयुक्त है। ऊपर से कद्दूकस की हुई चॉकलेट इसे एक प्रोफेशनल लुक देती है।
निष्कर्षतः, चॉकलेट-शकरकंद केक आधुनिक रसोई के लिए एक स्वास्थ्यप्रद वरदान है। यह प्रमाणित करता है कि डेजर्ट सिर्फ ‘खाली कैलोरी’ नहीं, बल्कि पोषण का भी माध्यम हो सकते हैं। आगामी समय में ऐसे ‘फंक्शनल फूड्स’ की मांग बढ़ना निश्चित है।

