द लोकतंत्र : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम को हुए बम धमाके (Bomb Blast) ने केवल सुरक्षा चिंताओं को ही नहीं बढ़ाया है, बल्कि शहर के ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र चांदनी चौक मार्केट की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा आघात पहुँचाया है। धमाके वाली जगह पर तमाम जांच एजेंसियों (Investigation Agencies) के सक्रिय होने के कारण लाल किले से चांदनी चौक की तरफ जाने वाले प्रमुख रास्ते और परिवहन (Transport) सुविधाएँ पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं, जिससे एशिया के इस सबसे बड़े होलसेल हब (Wholesale Hub) में कारोबार (Business) बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
सुरक्षा घेरे में इलाका, व्यापार को भारी नुकसान
धमाके के तुरंत बाद, इन्वेस्टिगेशन एजेंसी और जांच से जुड़ी दूसरी एजेंसियां घटना से संबंधित तमाम जानकारियों को इकट्ठा करने में जुटी हुई हैं। इस सुरक्षा प्रोटोकॉल (Security Protocol) के चलते, निजी गाड़ियों और बसों को इस इलाके में फिलहाल रोक दिया गया है। इसके अलावा, नजदीकी मेट्रो स्टेशन को भी बंद करके रखा गया है।
बाजार के व्यापारियों ने मीडिया को जानकारी दी कि सामान्य दिनों में चांदनी चौक मार्केट में प्रतिदिन ₹450 करोड़ से ₹500 करोड़ का कारोबार होता है। यह बाजार देश के लगभग 100 से 150 आइटम्स का होलसेल मार्केट है। वर्तमान प्रतिबंधों के कारण, यह अनुमान लगाया गया है कि इस धमाके की वजह से यहाँ का व्यापार अस्थायी (Temporary) तौर पर ₹300 करोड़ से ₹400 करोड़ तक प्रभावित हुआ है।
खुले हैं बाज़ार, पर ग्राहक नदारद
व्यापारियों के अनुसार, यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि पूरा चांदनी चौक बाज़ार बंद नहीं है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से बाज़ार खुला हुआ है, लेकिन प्रशासन ने लाल किले के सामने वाली चांदनी चौक एंट्री पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं और सिर्फ दो मार्केट को ही बंद करवाया है।
चूँकि वहाँ न तो कोई ट्रांसपोर्ट सुविधा चालू है, न ही मेट्रो स्टेशन खुला है और प्राइवेट गाड़ियों को अंदर आने की अनुमति नहीं है, इसलिए बी2सी ग्राहक (Business-to-Consumer Customer) और यहाँ तक कि बाहर से आने वाले थोक खरीदार (Wholesale Buyers) भी बाज़ार तक पहुँच नहीं पा रहे हैं। इसी कारण बाज़ार में बाकी दिनों की तुलना में भीड़ काफी कम हो गई है, और लोग अभी सुरक्षा कारणों से यहाँ जाने से परहेज कर रहे हैं।
चांदनी चौक की पहचान और भविष्य की उम्मीद
चांदनी चौक मार्केट अपनी ऐतिहासिक पहचान, एशिया के सबसे बड़े होलसेल हब के रूप में और वेडिंग शॉपिंग के अनगिनत विकल्पों के कारण विश्वभर में मशहूर है। यहाँ कपड़े, ज्वेलरी, मसाले, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर स्ट्रीट फूड तक सब कुछ एक ही जगह मिल जाता है।
वरिष्ठ व्यापारी प्रतिनिधिमंडलों ने सरकारी अधिकारियों से अपील की है कि जाँच प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। उनका मानना है कि जैसे ही सुरक्षा स्थिति सामान्य होगी और परिवहन सुविधाएँ बहाल होंगी, बाज़ार में ग्राहकों की रौनक फिर से लौटने की उम्मीद है। व्यापारियों का विश्वास है कि एक बार स्थिति सामान्य होने के बाद, यह ऐतिहासिक बाज़ार जल्द ही अपनी आर्थिक गति वापस हासिल कर लेगा।

