द लोकतंत्र : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते खानपान का सबसे बुरा असर हमारे लिवर पर पड़ रहा है। कभी बुजुर्गों की बीमारी माना जाने वाला ‘फैटी लिवर’ अब 30 साल के युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। डॉक्टरों की मानें तो अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया गया, तो यह लिवर फेलियर और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी नौबत ला सकता है।
9 फरवरी 2026 की इस विशेष रिपोर्ट में हम जानेंगे कि आखिर क्यों यह बीमारी इतनी खतरनाक होती जा रही है और आप खुद को इससे कैसे बचा सकते हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं लिवर ट्रांसप्लांट के मामले?
डॉक्टरों के अनुसार, पहले लिवर ट्रांसप्लांट के केवल 5 प्रतिशत मामलों की वजह फैटी लिवर होती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। सबसे चिंता की बात यह है कि अब ‘नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर’ के मामले बढ़ रहे हैं, यानी वे लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं जो शराब को हाथ तक नहीं लगाते। इसकी मुख्य वजह है—ज्यादा मीठा, तला-भुना खाना और शारीरिक मेहनत की कमी।
पेट दर्द को न समझें मामूली
फैटी लिवर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती लक्षण आसानी से पकड़ में नहीं आते।
- शुरुआती संकेत: अगर आपको अक्सर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द रहता है, बिना वजह थकान महसूस होती है या अचानक वजन कम हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें।
- बड़ा खतरा: इलाज में देरी होने पर यह बीमारी डायबिटीज, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का कारण बन सकती है।
फैटी लिवर को कैसे करें कंट्रोल? अपनाएं ये 5 आसान उपाय
लिवर की सेहत सुधारने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में कुछ छोटे लेकिन ठोस बदलाव करने होंगे:
1. सही डाइट का चुनाव: अपनी थाली में हरी सब्जियां, ताजे फल और दालों को जगह दें। मैदा, चीनी और ज्यादा तेल-मसाले वाली चीजों से तौबा कर लें। साबुत अनाज का सेवन लिवर के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
2. वजन पर रखें लगाम: बढ़ता मोटापा फैटी लिवर का सबसे बड़ा दोस्त है। संतुलित खानपान के जरिए अपने वजन को कंट्रोल में रखना लिवर की आधी बीमारियों को खत्म कर देता है।
3. रोज करें एक्सरसाइज: आलस्य छोड़ें और रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक, योग या साइकलिंग करें। पसीना बहाने से लिवर में जमा एक्स्ट्रा फैट कम होने लगता है।
4. फाइबर बढ़ाएं और पानी पिएं: फाइबर युक्त भोजन पाचन को सुधारता है और लिवर पर दबाव कम करता है। इसके साथ ही दिनभर में कम से कम 7-8 गिलास पानी पिएं, ताकि शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें।
5. शराब और मीठे से दूरी: अगर आप शराब का सेवन करते हैं, तो इसे तुरंत बंद करना ही समझदारी है। साथ ही डिब्बाबंद जूस और कोल्ड ड्रिंक्स में मौजूद एक्स्ट्रा शुगर लिवर के लिए जहर समान है।
फैटी लिवर एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करता है। अगर आप भी 30 की उम्र पार कर चुके हैं और आपकी लाइफस्टाइल सुस्त है, तो आज ही अपनी आदतों को बदलें। याद रखें, एक स्वस्थ लिवर ही एक लंबी और खुशहाल जिंदगी की बुनियाद है।

