द लोकतंत्र : भारतीय परंपरा में, सर्दियों की शुरुआत होते ही कुछ विशेष खाद्य पदार्थ बनाकर रखे जाते हैं, जो शरीर को गर्मी और पोषण प्रदान करते हैं। इसी श्रेणी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पौष्टिक व्यंजन है गोंद की राब (Gond ki Raab)। यह पारंपरिक व्यंजन, जो दादी-नानी के ज़माने से बनता आ रहा है, एक ‘कंफर्ट फूड’ या देसी सूप की तरह काम करता है, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए स्वास्थ्यप्रद है। गोंद (Acacia Gum) और अन्य देसी इन्ग्रेडिएंट्स से भरपूर यह राब ठंड में होने वाले वायरल इंफेक्शन और मौसमी बीमारियों से बचाने में बेहद मददगार होती है।
गोंद के औषधीय लाभ और उसका महत्व
हेल्थ लाइन के अनुसार, गोंद अपने आप में कई पोषक तत्वों का भंडार है और इसे सदियों से आयुर्वेदिक उपचारों में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
- पाचन और गट हेल्थ: गोंद पाचन (Digestion) में सुधार करती है और गट हेल्थ (Gut Health) को बेहतर बनाने में सहायक होती है।
- ऊर्जा और गर्माहट: यह शरीर को गर्मी प्रदान करने और एनर्जी बूस्ट करने में सहायक है।
- अन्य फायदे: यह ब्लड शुगर के लेवल को मैनेज करने, दर्द से राहत देने और गले की खराश व खांसी को शांत करने में भी मददगार होती है। इसे बैड कोलेस्ट्रॉल (Bad Cholesterol) को नियंत्रित करने में भी उपयोगी माना गया है।
- महिलाओं के लिए विशेष: डिलीवरी के बाद नई माओं को गोंद की पंजीरी या लड्डू दिए जाने की परंपरा रही है, क्योंकि यह महिलाओं के लिए पीरियड्स के दौरान भी फायदेमंद मानी गई है।
रेसिपी और पौष्टिक इन्ग्रेडिएंट्स का संयोजन
गोंद की राब की पौष्टिकता इसमें उपयोग किए जाने वाले संतुलित इन्ग्रेडिएंट्स के कारण कई गुना बढ़ जाती है। इस रेसिपी में देसी घी, ड्राई फ्रूट्स, गुड़ और सोंठ (ड्राई अदरक पाउडर) का उपयोग इसे एक संपूर्ण आहार बनाता है।
- रागी का आटा (Ragi Flour): पारंपरिक रूप से इसे गेहूँ के आटे के बजाय रागी के आटे से बनाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि रागी बेहद हेल्दी होता है और राब को एक अच्छा टेक्सचर देता है।
- सोंठ (Dry Ginger Powder): राब में सोंठ और काली मिर्च पाउडर मिलाने से यह इम्यूनिटी बूस्टर और कफ-खांसी निवारक बन जाती है।
- गुड़ (Jaggery): चीनी के बजाय गुड़ का उपयोग इसे प्राकृतिक मिठास और आयरन प्रदान करता है।
गोंद की राब बनाने की विधि
गोंद की राब एक सरल और त्वरित रेसिपी है:
- घोल तैयार करें: सबसे पहले रागी के आटे को थोड़े से पानी में मिलाकर पतला घोल लें (गांठें न रहें)।
- नट्स को भूनें: पैन में देसी घी गर्म करके काजू, बादाम, अखरोट और किशमिश को हल्का फ्राई करके निकाल लें और सूखे नारियल को भी रोस्ट कर लें।
- गोंद को तलें: इसी घी में गोंद को मध्यम आँच पर फूलने और क्रंची होने तक अच्छी तरह से भून लें।
- राब पकाएँ: बचे हुए घी में एक कप पानी और रागी का घोल मिलाकर उबाल आने तक पकाएँ।
- गुड़ और मसाले: घोल हल्का गाढ़ा होने लगे, तो इसमें गुड़ डालकर घुलने तक चलाएँ। ध्यान रहे, राब का टेक्सचर सूप जैसा रहना चाहिए।
- मिलाएँ और परोसें: गुड़ घुलने के बाद सोंठ पाउडर, काली मिर्च पाउडर, इलायची पाउडर और भूनी हुई गोंद व नट्स मिलाकर इसे गरमा गरम परोसें।
गोंद की राब केवल एक स्वादिष्ट व्यंजन नहीं है, बल्कि यह सर्दियों में सेहत को साधने का एक देसी खजाना है। इसमें मौजूद हर सामग्री – गोंद, रागी, घी और सोंठ – शरीर को संतुलित पोषण और गर्माहट प्रदान करती है, जिससे यह आधुनिक लाइफस्टाइल में भी एक अनिवार्य कंफर्ट फूड बना हुआ है।

