द लोकतंत्र : आजकल फिटनेस की दुनिया में ‘हाई प्रोटीन डाइट’ एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है। चाहे वजन घटाना हो या मसल्स बनाने हों, हर कोई बस प्रोटीन की बात कर रहा है। जिम जाने वाले युवाओं से लेकर डाइट पर रहने वाले लोगों तक, सबको लगता है कि जितना ज्यादा प्रोटीन लेंगे, उतनी जल्दी बॉडी बनेगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि “जितना ज्यादा, उतना बेहतर” वाला यह फॉर्मूला आपकी जान भी ले सकता है?
एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी तो है, लेकिन इसकी अति शरीर के अंगों को अंदर से खोखला कर सकती है। आइए जानते हैं कि जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर हमारे शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल की सीनियर डायटीशियन फारेहा शानम बताती हैं कि शरीर को सिर्फ प्रोटीन की नहीं, बल्कि एक ‘बैलेंस डाइट’ की जरूरत होती है। जब हम सिर्फ प्रोटीन पर फोकस करते हैं और कार्ब्स या फाइबर छोड़ देते हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ जाता है। इससे शरीर के अंगों पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है।
ज्यादा प्रोटीन लेने के 4 बड़े नुकसान
- किडनी पर बढ़ता है बोझ: प्रोटीन पचने के बाद यूरिया और नाइट्रोजन वेस्ट बनाता है। इसे शरीर से बाहर निकालने का काम किडनी करती है। जब प्रोटीन बहुत ज्यादा होता है, तो किडनी को कई गुना ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक ऐसा होने से किडनी फेलियर की नौबत आ सकती है।
- हड्डियों की कमजोरी (कैल्शियम लॉस): ज्यादा प्रोटीन से शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है। इस एसिड को कम करने के लिए शरीर हड्डियों से कैल्शियम खींचने लगता है। नतीजा यह होता है कि हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और ‘ऑस्टियोपोरोसिस’ जैसी बीमारियां घेर लेती हैं।
- डिहाइड्रेशन और थकान: शरीर प्रोटीन के वेस्ट को निकालने के लिए ज्यादा पानी का इस्तेमाल करता है। अगर आप खूब पानी नहीं पी रहे, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे सिरदर्द और हर वक्त थकान महसूस होती है।
- हार्ट और नसों पर असर: जरूरत से ज्यादा प्रोटीन डाइट से नर्व ब्लॉक होने और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है। खासतौर पर जब प्रोटीन के साथ फाइबर और विटामिन्स की कमी हो।
आखिर कितना प्रोटीन है आपके लिए सही?
डायटीशियन फारेहा शानम के अनुसार, प्रोटीन की मात्रा आपके वजन और काम पर निर्भर करती है:
- सामान्य व्यक्ति: अगर आपकी फिजिकल एक्टिविटी कम है, तो प्रति किलो वजन पर 0.8 ग्राम प्रोटीन काफी है। (जैसे 60 किलो वजन पर 48 ग्राम प्रोटीन)।
- एथलीट या बॉडीबिल्डर: जो लोग भारी शारीरिक मेहनत करते हैं, उनके लिए यह मात्रा थोड़ी ज्यादा हो सकती है, लेकिन यह भी एक्सपर्ट की सलाह पर ही तय होनी चाहिए।
फिट दिखने की होड़ में अपनी सेहत से समझौता न करें। प्रोटीन जरूर लें, लेकिन उसे फल, सब्जी और अनाज के साथ बैलेंस करें। याद रखें, अति हर चीज की बुरी होती है।

